नई दिल्ली: गणेश उत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने धार्मिक आस्था के साथ नदियों के संरक्षण को जोड़ते हुए दिल्ली में विशेष व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने राजधानी में गणपति विसर्जन के लिए 81 कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं। इन तालाबों में श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ गणपति विसर्जन कर सकेंगे और इसके साथ ही नदियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा सकेगा।
आस्था और नदियों का संरक्षण साथ-साथ
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लोगों की आस्था और नदियों का संरक्षण आपस में गहराई से जुड़ा हुआ है। गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालु परंपरा और श्रद्धा के साथ गणपति विसर्जन करते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने शहरभर में 81 कृत्रिम तालाब बनाए हैं, ताकि विसर्जन के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध हो और नदियों की देखभाल भी की जा सके।
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि धार्मिक सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण के लिए व्यवस्था केवल गणेश उत्सव तक सीमित नहीं रहेगी। पूरे साल खंडित मूर्तियों और अन्य पवित्र पूजा सामग्री को सम्मान के साथ रखने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
250 से ज्यादा ‘विसर्जन पात्र’ होंगे उपलब्ध
दिल्ली सरकार राजधानी में 250 से ज्यादा विशेष ‘विसर्जन पात्र’ भी रख रही है। इन पात्रों में खंडित मूर्तियां, पवित्र पूजा सामग्री, देवी-देवताओं के वस्त्र और तस्वीरें रखी जा सकेंगी। इन्हें मंदिरों, स्कूलों और अन्य सुविधाजनक स्थानों के पास रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से इन पवित्र वस्तुओं को श्रद्धा और सम्मान के साथ निर्धारित विसर्जन पात्रों में रखने की बात कही है। इन धार्मिक वस्तुओं के सम्मानजनक पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
ऑनलाइन मिलेगी सभी स्थानों की जानकारी
उन्होंने बताया खंडित मूर्तियों को जमा करने वाले स्थानों और कृत्रिम तालाबों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। दिल्लीवासी खंडित मूर्ति संग्रह केंद्रों की जानकारी संबंधित वेबसाइट पर देख सकते हैं। वहीं कृत्रिम तालाबों के स्थानों की सूची भी ऑनलाइन उपलब्ध है। इस पहल के जरिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गणेश उत्सव के दौरान आस्था के साथ नदियों के संरक्षण और धार्मिक सामग्री के सम्मानजनक निस्तारण पर जोर दिया है।