Closer ties in China-US relations: वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। तीन दिवसीय दौरे के समापन पर शी जिनपिंग ने ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया को चीन आने का न्योता दिया। ट्रंप ने भी जवाब देते हुए कहा कि वे जरूर चीन आएंगे और दोनों के बीच काफी बातचीत होगी। दोनों नेताओं की इस मुलाकात में आगे भी संवाद जारी रखने के संकेत मिले।
इस साल दो और बार मिल सकते हैं ट्रंप-शी
शी जिनपिंग ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल उनकी ट्रंप के साथ दो और मुलाकातें होंगी। उन्होंने नवंबर में चीन के शेनझेन में होने वाली एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग बैठक में ट्रंप और मेलानिया को आने का निमंत्रण दिया। इसके बाद दोनों नेता फ्लोरिडा में होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान भी मुलाकात कर सकते हैं। चीन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने 2026 में एपीईसी आर्थिक नेताओं की बैठक और जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी में एक-दूसरे का समर्थन करने पर सहमति जताई है।
ईरान और मध्य-पूर्व के मुद्दे पर भी हुई चर्चा
ट्रंप और शी की बातचीत में ईरान तथा मध्य-पूर्व की स्थिति का मुद्दा भी शामिल रहा। चीन ने अमेरिका और ईरान से बातचीत और वार्ता के रास्ते पर लौटने की अपील की है। दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान मध्य-पूर्व के अलावा यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति पर भी विचार साझा किए।
ट्रंप शी को लेकर पहुंचे नेशनल आर्काइव्स
दौरे के अंतिम दिन ट्रंप शी जिनपिंग को अमेरिका के नेशनल आर्काइव्स लेकर गए। यहां अमेरिका के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज रखे गए हैं, जिनमें स्वतंत्रता की घोषणा, अमेरिकी संविधान और बिल ऑफ राइट्स शामिल हैं। इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका के इतिहास से जुड़े दस्तावेजों को देखा। शी का यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब अमेरिका अपनी स्थापना की 250वीं वर्षगांठ मना रहा है और नेशनल आर्काइव्स में इस अवसर से जुड़ी विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
शी जिनपिंग के वॉशिंगटन दौरे के दौरान ट्रंप और शी की व्यक्तिगत बातचीत और दोनों देशों के बीच संवाद को प्रमुखता मिली। आगे शेनझेन और जी20 के दौरान संभावित मुलाकातों से अमेरिका-चीन संबंधों में बातचीत का सिलसिला जारी रहने की तस्वीर सामने आई है।