दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण के लिए नमो श्रमिक सेवा केंद्र मोबाइल वैन का उद्घाटन किया। दिल्ली सरकार के श्रम मंत्रालय की ओर से शुरू की गई यह सेवा निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को समर्पित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोबाइल वैन के जरिए भवन निर्माण श्रमिकों को पंजीकरण की सुविधा उनके काम करने वाली जगह पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
हर जिले में उपलब्ध कराई जाएगी वैन
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार हर जिले में एक मोबाइल वैन उपलब्ध कराएगी। ये वैन उन स्थानों पर पहुंचेंगी, जहां निर्माण श्रमिक काम करते हैं। वहां श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा, ताकि उन्हें पंजीकरण के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत न पड़े। मोबाइल वैन के जरिए श्रमिकों तक सीधे पहुंचकर पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने की पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं हैं। इन योजनाओं का लाभ उन श्रमिकों को मिलना चाहिए जो इसके पात्र हैं। हालांकि, उनके मुताबिक पिछली सरकारों के समय बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक इन योजनाओं का लाभ नहीं ले सके।
पंजीकरण नहीं होने से नहीं मिल पा रहा था लाभ
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि निर्माण श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाने का मुख्य कारण उनका पंजीकरण नहीं होना था। जब श्रमिकों का पंजीकरण ही नहीं होगा, तो उनके लिए उपलब्ध योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना भी मुश्किल होगा। इसी वजह से सरकार ने श्रमिकों के पंजीकरण की सुविधा को सीधे उनके कार्यस्थल तक पहुंचाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, नमो श्रमिक सेवा केंद्र मोबाइल वैन निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण की सुविधा को आसान बनाएगी। जिन जगहों पर बड़ी संख्या में भवन निर्माण श्रमिक काम कर रहे हैं, वहां इन वैन को भेजा जाएगा और मौके पर ही उनका पंजीकरण किया जाएगा।
श्रमिकों तक सीधे पहुंचेगी सरकारी सेवा
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल के तहत मोबाइल वैन के माध्यम से निर्माण श्रमिकों तक सरकारी सेवा पहुंचाई जाएगी। हर जिले में वैन उपलब्ध होने से अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे श्रमिकों को पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों को पंजीकृत कर उन्हें उन योजनाओं से जोड़ना है, जिनका लाभ उन्हें मिलना चाहिए।
इस पहल के जरिए पंजीकरण की प्रक्रिया को श्रमिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मोबाइल वैन उन स्थानों तक जाएगी जहां निर्माण श्रमिक काम करते हैं, ताकि उन्हें वहीं पर पंजीकरण की सुविधा मिल सके।