UP International Trade Show4.0: ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 4.0 का शानदार आगाज हुआ। 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस चार दिवसीय आयोजन का शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, एमएसएमई क्षेत्र और कारीगरों के हुनर पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्षमता की कभी कमी नहीं रही, जरूरत केवल अवसर देने की थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब परंपरा और तकनीक के साथ देश का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
2017 के विजन से ODOP तक का जिक्र
सीएम योगी ने अमित शाह के 2017 के विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र के दौरान अमित शाह ने कहा था कि उत्तर प्रदेश का पारंपरिक उद्यम ही उसकी असली ताकत है। जब प्रदेश अपने हुनर को पहचान लेगा, तो उसे मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से कोई नहीं रोक सकेगा। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने ओडीओपी और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों को ब्रांड और बाजार उपलब्ध कराया है। इससे प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
अमित शाह बोले- बदल रहा निवेश का माहौल
अमित शाह ने कहा कि 12 साल पहले शुरू हुआ ‘मेक इन इंडिया’ अभियान भारत को उत्पादन, डिजाइन और नवाचार के वैश्विक केंद्र की ओर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश में निवेश का माहौल बदला है। पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण निवेश सम्मेलन दिल्ली में आयोजित करने पड़ते थे, जबकि अब उत्तर प्रदेश निवेश के केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों, सक्रिय सरकार और निवेशकों की सुविधा के कारण प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है।
पिछले ट्रेड शो में 5 लाख से अधिक लोग पहुंचे थे और 2,400 से अधिक एमओयू हुए थे। अमित शाह ने उम्मीद जताई कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण पिछले रिकॉर्ड को तोड़ेगा और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा।
90 देशों के 600 से ज्यादा खरीदार होंगे शामिल
इस वर्ष ट्रेड शो में 90 देशों के 600 से अधिक खरीदार और करीब 1.5 लाख बी2बी आगंतुक शामिल होंगे। पिछले वर्ष 72 देशों के 550 खरीदार शामिल हुए थे। जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस साझेदार देशों के रूप में शामिल हैं। इन देशों के विशेष मंडपों में द्विपक्षीय व्यापार, तकनीक हस्तांतरण और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया जा रहा है।