UP: समाजवादी पार्टी के सांसद शफीकुर्रहमान बर्क का मंगलवार को निधन हो गया। उत्तर प्रदेश की संभल सीट से सांसद ने 94 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। शारीरिक कमजोरी होने के बाद उन्हें मुरादाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनकी किडनी में संक्रमण बताया था।
सपा नेता का जन्म 11 जुलाई 1930 को हुआ था। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के साथ राजनीति की शुरुआत की थी। वह बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक भी रहे। उन्हें देशभर में मुस्लिमों की आवाज बुलंद करने और ईमानदार छवि होने के लिए जाना जाता था। उन्होंने समाजवादी पार्टी के गठन के समय भी मुलायम सिंह यादव के साथ मिलकर काम किया था और वह सपा के फाउंडर मेंबर भी कहलाते थे।
मोदी लहर में हारे थे चुनाव
वर्तमान में संभल से सपा के सांसद बर्क 5 बार लोकसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज करा चुके थे। उन्होंने साल 1996, 1998 और 2004 में सपा से मुरादाबाद लोकसभा सीट पर 3 बार जीत दर्ज की। इसके बाद बसपा के टिकट पर संभल लोकसभा से 2009 में जीतने में कामयाब रहे। साल 2019 में उन्होंने सपा के टिकट पर संभल से दोबारा जीत दर्ज की थी। हालांकि, 1999 में मुरादाबाद सीट और 2014 के लोकसभा चुनाव में वह संभल सीट से मोदी लहर के बीच महज 5174 वोटों के अंतर से हार गए थे।
बता दें कि, नए संसद भवन में पीएम नरेन्द्र मोदी ने सांसद बर्क को बधाई दी थी। उन्होंने कहा कि हमारे बीच 93 वर्ष के सांसद बर्क भी हैं। इसके कुछ देर बाद ही सांसद ने संसद भवन में नमाज के लिए जगह की मांग की। वह बसपा प्रमुख मायावती को जन्मतिथि की बधाई देने पर भी सुर्खियों में रहे। अपने तीखे बयानों को लेकर भी वह अक्सर चर्चा में रहते थे। निकाय चुनाव में उन्होंने संभल नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर सपा विधायक इकबाल महमूद की पत्नी के विरोध में निर्दलीय प्रत्याशी खड़ा कर दिया था।