(नई दिल्ली): दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में कचरा प्रबंधन और नालियों की सफाई को मजबूत बनाने के लिए अपने सफाई बेड़े में 17 ‘बैकहो लोडर’ और दो ‘सुपर सकर’ मशीनें शामिल कीं। इन नई मशीनों के शामिल होने से स्वच्छता कार्य में गति बढ़ेगी, मानव श्रम की आवश्यकता कम होगी और वार्ड स्तर पर सफाई में सुधार आएगा।
बैकहो लोडर और सुपर सकर की खासियत
बैकहो लोडर एक शक्तिशाली और बहुमुखी निर्माण मशीन है, जिसमें ट्रैक्टर, लोडर और बैकहो (खुदाई करने वाले मशीनीकृत पंजे) को एक साथ जोड़ा गया है। इसका उपयोग खुदाई, लोडिंग, ट्रेंचिंग, समतलीकरण और सामग्री प्रबंधन जैसे कई कार्यों के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक बैकहो लोडर की लागत 33.28 लाख रुपये है और इनकी गुणवत्ता IIT दिल्ली द्वारा प्रमाणित की गई है।
दो सुपर सकर मशीनें, जो उत्सर्जन मानदंडों के अनुरूप हैं और प्रत्येक की लागत 2.14 करोड़ रुपये है, दिल्ली के जल निकासी नेटवर्क की साल भर सफाई और रखरखाव में सहायक होंगी। इन मशीनों की कुल संख्या आठ हो जाएगी।
हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई मशीनें
महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने उप महापौर जय भगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, एमसीडी आयुक्त अश्विनी कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एमसीडी मुख्यालय से बैकहो लोडर और सुपर सकर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन समारोह के दौरान महापौर ने कहा कि केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी मिलकर नागरिकों को विश्वस्तरीय सेवाएं देने के लिए काम कर रहे हैं।
स्वच्छता ढांचे को और आधुनिक बनाने का प्रयास
इकबाल सिंह ने कहा कि दिल्ली के स्वच्छता ढांचे को मज़बूत और आधुनिक बनाने के प्रयास लगातार तेज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई मशीनों के आने से न केवल सफाई की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि शहर में कचरा प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी भी होगा।
एमसीडी अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस कदम से सफाई कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी और मानवीय संसाधनों पर दबाव कम होगा। नई तकनीक और मशीनरी का उपयोग कर शहर को अधिक स्वच्छ और सुरक्षित बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।