नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में महिला कर्मचारियों को रात्रि पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करने की अनुमति देने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। यह अनुमति केवल उन्हीं महिला कर्मचारियों को दी जाएगी जो इसके लिए अपनी लिखित सहमति देंगी। अधिकारियों के अनुसार यह कदम महिलाओं की रोजगार भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला है।
सरकार द्वारा गुरुवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम, 1954 के तहत यह नया प्रावधान जोड़ा गया है, जिसमें नियोक्ताओं को महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और परिवहन की उपयुक्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
सुरक्षा और सुविधाओं के सख्त प्रावधान
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नाइट शिफ्ट या ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था नियोक्ता को करनी होगी। इसके साथ ही, प्रत्येक प्रतिष्ठान को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना होगा।
सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
इसके अलावा, सभी दुकानों और प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। फुटेज को कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखना होगा और आवश्यकता पड़ने पर मुख्य निरीक्षक को उपलब्ध कराना होगा।
कार्य घंटे और ओवरटाइम नियम
अधिसूचना के अनुसार किसी भी कर्मचारी से दिन में 9 घंटे (भोजन और आराम सहित) तथा सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकेगा। ओवरटाइम की सीमा एक दिन में 5 घंटे तय की गई है। ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों को सामान्य दर से दोगुना वेतन दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कर्मचारी को केवल रात की पाली में लगातार काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
अन्य श्रमिक अधिकार यथावत
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को राष्ट्रीय अवकाशों पर कार्य के बदले प्रतिपूरक अवकाश, साप्ताहिक छुट्टी, न्यूनतम मजदूरी, भविष्य निधि (PF), बीमा और बोनस जैसे सभी कानूनी लाभ मिलते रहेंगे।
उपराज्यपाल ने दी थी मंजूरी
दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने इस वर्ष की शुरुआत में सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसके बाद श्रम विभाग ने औपचारिक अधिसूचना जारी की है।