Heavy Rain in Himachal: (शिमला): हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। इससे प्रदेश के लोगों का जनजीवनन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी और बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य के पांच जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इन जिलों में बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, ऊना और सोलन शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आवासीय संस्थानों को छोड़कर सभी शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा।
कई जगहों पर हुई लैंडस्लाइड से सड़कें बंद
राज्य के विभिन्न हिस्सों में रविवार रात से मध्यम से भारी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 484 सड़कें बंद हैं। अकेले मंडी जिले में 245 और कुल्लू जिले में 102 सड़कें बंद हैं। विशेष रूप से, चंबा-पठानकोट को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 154A और औट-सैंज को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 305 पूरी तरह बंद हैं।
बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी असर
बारिश का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं है। राज्यभर में 941 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 95 जलापूर्ति योजनाएं भी बाधित हुई हैं, जिससे बिजली और पानी की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है।
मॉनसून से अब तक 155 की मौत, 37 लोग लापता
SEOC द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 जून से 24 अगस्त के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 155 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग अब भी लापता हैं। राज्य में अब तक 77 अचानक बाढ़, 40 बादल फटने और 79 भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन आपदाओं से राज्य को अब तक ₹2,348 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
16% अधिक बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 24 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में 662.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य 571.4 मिमी के मुकाबले 16 प्रतिशत अधिक है। शिमला मौसम कार्यालय ने 30 अगस्त तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जो राज्य के 2 से 7 जिलों में भारी बारिश की संभावना की चेतावनी देता है।