S. Jaishankar met President Putin in Moscow: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस की राजधानी मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दो दिवसीय रूस यात्रा पर पहुंचे जयशंकर की पुतिन के साथ बैठक में भारत-रूस संबंधों, द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और हाई-टेक क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पुतिन के लिए भेजा गया निजी संदेश भी उन्हें सौंपा।
पीएम मोदी का निजी संदेश लेकर पहुंचे जयशंकर
पुतिन से मुलाकात के दौरान एस जयशंकर ने कहा कि वह बातचीत की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के साथ करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति के लिए एक निजी संदेश दिया है, जिसे वह उन्हें सौंपना चाहते हैं। जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के बीच अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हो चुकी है और दोनों देशों के आर्थिक सहयोग में अच्छी प्रगति हुई है। व्यापार के साथ ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक तस्वीर सामने रखी।
एससीओ और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर भी चर्चा
बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है।
भारत की राजधानी नई दिल्ली में इस साल 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाना निर्धारित है। पुतिन के भी इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा काफी मजबूत है और कई क्षेत्रों में लगातार प्रगति हो रही है।
पुतिन ने पीएम मोदी की तारीफ की
बैठक के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इनमें सरकारी और संसदीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी शामिल है।
पुतिन ने कहा कि इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने पर व्यक्तिगत ध्यान देने को भी महत्वपूर्ण बताया। पुतिन ने जयशंकर से प्रधानमंत्री मोदी तक अपनी शुभकामनाएं पहुंचाने का अनुरोध किया और कहा कि वह जल्द ही उनसे मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं।
उर्वरक और ऊर्जा सहयोग पर विशेष जोर
रूसी राष्ट्रपति ने बैठक में उर्वरक आपूर्ति को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि भारत और रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरक की आपूर्ति बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके अलावा ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग को भी एजेंडे में शामिल बताया गया। पुतिन ने कहा कि इन क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अच्छी गति से प्रगति हो रही है।
डेनिस मंतुरोव के साथ भी हुई अहम बैठक
रूस पहुंचने के बाद एस जयशंकर ने रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जटिल परिस्थितियों के बावजूद भारत और रूस की साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध आपसी हितों और भरोसे पर आधारित हैं और बदलती परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता रखते हैं।
लावरोव से भी मुलाकात करेंगे जयशंकर
रूस यात्रा के दौरान एस जयशंकर अपने रूसी समकक्ष और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। जयशंकर की यह रूस यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और रूस के बीच व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।