Himachal Pradesh Rain update: हिमाचल प्रदेश में मानसून इस बार लगातार तबाही मचा रहा है। राज्य में बारिश, भूस्खलन और अन्य मानसूनी आपदाओं के साथ सड़क हादसों ने भी भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 6 अगस्त 2026 तक प्रदेश में कुल 142 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान राज्य को करीब 797.87 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। अब मौसम विभाग ने एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 10 और 11 अगस्त को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 12 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, हालांकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 11 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
इससे पहले 7 अगस्त को बिलासपुर और कांगड़ा में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 8 और 9 अगस्त को कांगड़ा तथा सिरमौर में भारी बारिश होने की संभावना है। 10 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के लिए भी यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।
आपदा और सड़क हादसों में गई 142 लोगों की जान
SEOC की रिपोर्ट के अनुसार, 142 मृतकों में 64 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई है, जबकि 78 लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाई। प्रदेश में दो लोग अभी भी लापता हैं। इसके अलावा 194 पशुओं की मौत भी दर्ज की गई है।
प्राकृतिक आपदाओं से हुई 64 मौतों में सबसे अधिक 21 लोगों की जान पेड़ या चट्टान गिरने से गई। भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई। वहीं सांप के काटने से 6, करंट लगने से 5 और डूबने से 4 लोगों की जान गई। फ्लैश फ्लड और आग की घटना में एक-एक मौत दर्ज हुई, जबकि 12 मौतें अन्य कारणों से हुई हैं।
सड़क हादसों में कुल्लू जिला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 12 लोगों की मौत हुई। सिरमौर में 11, कांगड़ा और शिमला में 10-10, चंबा में 8, सोलन में 7, ऊना में 6, किन्नौर में 5, बिलासपुर, लाहौल-स्पीति और मंडी में 4-4 तथा हमीरपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई।
मकानों से लेकर कृषि भूमि तक नुकसान
मानसून के दौरान प्रदेश में 22 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 39 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 90 दुकानें और ढाबे तथा 142 गौशालाएं भी बारिश और आपदा की चपेट में आई हैं। प्रदेश में 72.04 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है।
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश की सड़क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। राज्य में कुल 120 सड़कें बंद हैं, इनमें एक नेशनल हाईवे भी शामिल है। किन्नौर के निगुलसरी स्लाइडिंग प्वाइंट पर बाधित एनएच-5 को शुक्रवार शाम बहाल कर दिया गया। सबसे ज्यादा 38 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 31, सिरमौर में 26, शिमला में 13, चंबा और कांगड़ा में 5-5, ऊना में 2 और किन्नौर में एक सड़क बंद है।
39 ट्रांसफार्मर और 60 पेयजल योजनाएं प्रभावित
भारी बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रदेश में 39 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। इनमें कुल्लू के 20, शिमला के 11, सोलन के 7 और चंबा का एक ट्रांसफार्मर शामिल है।
वहीं, बारिश के कारण 60 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। सिरमौर में 33 और हमीरपुर में 13 पेयजल योजनाएं बाधित हुई हैं। बिलासपुर में भी 3 योजनाओं पर असर पड़ा है। संबंधित विभाग बिजली और पानी की व्यवस्था को सामान्य करने में जुटे हैं।
नदी-नालों और भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने की अपील
प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से भी दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं।
मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
15 राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
हिमाचल के अलावा देश के कई अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश के साथ आंधी की चेतावनी जारी की है। ऐसे में कई राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को मौसम को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।