Nayab Singh Saini Speech: (कुरुक्षेत्र): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘कृष्ण कश्यप संगम’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समारोह में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज का भी सानिध्य रहा। मुख्यमंत्री सेनी ने कार्यक्रम को भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया और कहा कि कुरुक्षेत्र और कश्मीर दोनों ही देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह कार्यक्रम उस सांस्कृतिक धरा का प्रतीक है, जिसने जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम किया है। धर्म और कर्म की भूमि कुरुक्षेत्र और आध्यात्मिकता से समृद्ध कश्मीर सदियों से हमारी सांझी विरासत के स्तंभ रहे हैं।”
‘कृष्ण-कश्यप-कश्मीर’ का संगम
इस भव्य आयोजन को “कृष्ण कश्यप कुरुक्षेत्र तीर्थाटन धर्म क्षेत्र” नाम दिया गया है, जहां कृष्ण, कश्यप, कर्म, कुरुक्षेत्र और कश्मीर पांचों तत्व एक साथ आकर धार्मिक और सांस्कृतिक जागरण का संदेश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान वही पवित्र भूमि है जहां से भगवद्गीता की अमृतवाणी पूरी दुनिया में प्रकाश की तरह फैल रही है।
धारा 370 हटाकर जुड़ा कश्मीर
मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 और 35A को हटाकर कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से जोड़ा है। इससे अखंड भारत का सपना साकार हुआ है।” उन्होंने यह भी बताया कि अब कश्मीर घाटी को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चेनाब ब्रिज के जरिए पूरे देश से जोड़ा जा चुका है, जो संविधानिक और भौगोलिक एकता का प्रतीक है।
कश्मीरी परिवारों के लिए प्रयासरत है हरियाणा सरकार
सीएम सैनी ने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार राज्य में बसे कश्मीरी हिंदू परिवारों के लिए बेहतर जीवनयापन और पुनर्वास हेतु लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी हर संभव सहयोग सरकार द्वारा दिया जाएगा।