हिमाचल में कहर के बाद राहत कार्य तेज़, मंडी में लापता 30 लोगों की तलाश जारी

Himachal Flood &Rain: (शिमला): हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। थुनाग, गोहर और करसोग उपखंडों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों के तहत लापता 30 लोगों की तलाश दिन-रात जारी है। प्रशासन ने राहत कार्यों में तेजी लाते हुए ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से खोजबीन का दायरा बढ़ा दिया है। वहीं, NDRF, SDRF, सेना, ITBP और होमगार्ड्स के लगभग 250 जवान स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के साथ मिलकर मोर्चा संभाले हुए हैं।

कदम-कदम पर राहत

अब तक 1,538 राशन किट प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा चुकी हैं, जबकि 12.44 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता वितरित की गई है। इसके अलावा, थुनाग और जंजैहली क्षेत्र में विशेष तौर पर 5-5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भेजी जा रही है।

विनाश की तस्वीर

बारिश और भूस्खलन के चलते अब तक:

225 मकान, 7 दुकानें और 243 मवेशी शेड क्षतिग्रस्त

31 वाहन, 14 पुल और कई सड़कें टूट चुकी हैं

215 मवेशियों की मौत, जबकि 494 को बचाया गया

243 सड़कें बंद, जिनमें से 183 अकेले मंडी जिले में

241 ट्रांसफार्मर और 278 जल परियोजनाएं भी प्रभावित

मौसम का बदला मिज़ाज

प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी बारिश जारी है। रविवार को नांगल डैम में 56 मिमी, ओलिंडा में 46 मिमी और ऊना में 43 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिससे और अधिक बारिश की आशंका है।

संघर्ष और सेवा साथ-साथ

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें दुर्गम इलाकों तक पहुंच बना रही हैं, जहां लोगों को मेडिकल सहायता और जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। हर मोर्चे पर जुटे ये राहतकर्मी न सिर्फ जान बचा रहे हैं, बल्कि उम्मीद भी जगा रहे हैं।

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