Amarnath Yatra 2025: बालटाल/जम्मू: अमरनाथ यात्रा के दौरान बालटाल बेस कैंप में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सैकड़ों लंगर शिविर लगाए गए हैं, जो 24 घंटे मुफ्त भोजन, चिकित्सा सहायता और आश्रय प्रदान कर रहे हैं। यात्रियों के आराम के लिए शौचालय, आवास और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
तीर्थयात्रियों की प्रतिक्रिया और आयोजकों का समर्पण
एक तीर्थयात्री ने कहा, “हमें यहाँ घर जैसा महसूस होता है। भोजन और सेवाएँ बहुत बढ़िया हैं। विकास शर्मा, जो पिछले 19 वर्षों से लंगर सेवा में लगे हैं, ने बताया, “हम लगातार यहां तीर्थयात्रियों को भोजन और विश्राम उपलब्ध करवा रहे हैं। दिल्ली के शिव गौरी सेवा मंडल, हरियाणा और अन्य राज्यों के लंगर आयोजकों ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की और यात्रियों से निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
जम्मू से रवाना हुआ छठा जत्था
इस बीच, अमरनाथ यात्रा के लिए छठा जत्था सोमवार सुबह जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, 8,605 श्रद्धालु इस जत्थे में शामिल थे, जिनमें 6,486 पुरुष, 1,826 महिलाएं, 42 बच्चे और 251 साधु-साध्वियां शामिल हैं। जत्था 372 वाहनों में रवाना हुआ।
बालटाल और पहलगाम मार्ग से यात्रा जारी
पहला काफिला 166 वाहनों में 3,486 यात्रियों के साथ गांदरबल जिले के बालटाल मार्ग पर रवाना हुआ, जो करीब 14 किलोमीटर लंबा और कठिन चढ़ाई वाला रास्ता है। दूसरा काफिला 206 वाहनों में 5,119 श्रद्धालुओं के साथ अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से निकला।
अधिकारियों के अनुसार, अब तक 70,000 से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं। यात्रा को 2 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हरी झंडी दिखाई थी। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए पंजीकरण काउंटरों की संख्या और रोजाना के पंजीकरण कोटा में भी वृद्धि की गई है। अमरनाथ यात्रा में इस तरह का विशाल प्रबंध सेवा, सुरक्षा और श्रद्धा का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।