ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर अमेरिका सतर्क, पश्चिम एशिया में युद्धपोत भेजे

अमेरिकी युद्धपोत

वॉशिंगटन: इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ऐसी आशंका के बीच कि ईरान निकट भविष्य में जवाबी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में अमेरिका ने पश्चिम एशिया (Middle East) में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने का फैसला लिया है। इस कदम के तहत अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों को क्षेत्र की ओर रवाना किया गया है।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यूएसएस थॉमस हडनर, एक अर्ले बर्क श्रेणी का उन्नत विध्वंसक पोत को पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ने का आदेश दिया गया है। एक अन्य विध्वंसक पोत को भी क्षेत्र की ओर रवाना होने का निर्देश दिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे व्हाइट हाउस के निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई कर सकें।

राष्ट्रपति की उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक

इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक की। दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि स्थिति बेहद गंभीर है और रणनीतिक रूप से सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

सैन्य सतर्कता और परिवारों की वापसी

वर्तमान में पश्चिम एशिया में करीब 30,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। हालांकि, 2023 में गाज़ा और यमन में बढ़े तनाव के चलते यह संख्या बढ़कर 43,000 से अधिक हो गई है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी बलों ने परिवारों और आश्रितों को स्वैच्छिक रूप से क्षेत्र से बाहर निकालना शुरू कर दिया है, ताकि संभावित हमलों की स्थिति में जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

यूएसएस हडनर की विशेष क्षमताएं

यूएसएस थॉमस हडनर एक अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस विध्वंसक है, जो बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव में सक्षम है। यह वही पोत है जिसने 1 अक्टूबर, 2024 को ईरान द्वारा इज़रायल पर दागी गई 200 से अधिक मिसाइलों के जवाब में मिसाइल रोधी कार्रवाई करते हुए इज़रायल की रक्षा की थी।

क्षेत्रीय संदर्भ और बढ़ता तनाव

गौरतलब है कि इज़रायल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पिछले कुछ महीनों में यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों के बाद और अधिक खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान इन हमलों के जरिए परोक्ष रूप से पश्चिमी हितों को नुकसान पहुंचाने की रणनीति अपना सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *