Vidhansabha Chunav 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव का बिगुल बज चुका है। दोनों राज्यों में तारीखों का ऐलान होने के बाद सियासी दल एक्टिव मोड में हैं और लगातार सीट शेयरिंग और सियासी समीकरणों के जोड़ तोड़ पर काम कर रहे हैं। हरियाणा में विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के लिए गठबंधन में मनमुताबिक सीटें मिलना मुश्किल दिख रहा है। महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद गुट) के साथ गठबंधन हैं। झारखंड में जेएमएम के साथ गठबंधन में हैं।
बता दें कि, झारखंड में एनडीए सीट शेयरिंग को लेकर अमलीजामा पहना चुका है। महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग की अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में विपक्षी दलों में सीट शेयरिंग को लेकर अभी पेंच फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि झारखंड में हेमंत सोरेन की जेएमएम सिर्फ 27 सीटें कांग्रेस को देना चाहती है। इसके पीछे जेएमएम तर्क दे रही है कि कांग्रेस ने पिछले चुनाव में सिर्फ 27 सीटों पर जीत हासिल की थी।
हालांकि, पिछले चुनाव में कांग्रेस 31 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। कहा जा रहा है कि हरियाणा चुनाव के दौरान ही झारखंड चुनाव के लिए सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय हुआ था। जिसके तहत जेएमएम 43, कांग्रेस 29, आरजेडी 5 और माले 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी लेकिन, अब जेएमएम कांग्रेस को सिर्फ 27 सीट देने को ही तैयार है। बता दें कि झारखंड में 81 विधानसभा सीटें हैं।
महाराष्ट्र में कहां फंसा पेंच?
महाराष्ट्र में भी कांग्रेस के लिए राह आसान नहीं है क्योंकि 288 विधानसभा सीटों वाली महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद गुट) का गठबंधन है। जिसे महाविकास अघाड़ी भी बोला जाता है। बताया जा रहा है कि महराष्ट्र में 260 सीटों पर बात बन गई है। अब 28 सीटों पर कांग्रेस और शिवसेना के बीच खींचातानी हो रही है। हालांकि, कौन पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी? इसको लेकर अभी ऐलान नहीं हुआ है।
बता दें कि, महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होंगे। वहीं, झारखंड में दो चरणों में 13 नवंबर और 20 नवंबर को मतदान होना है। साथ ही दोनों राज्यों के चुनावी नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। तारीखों के ऐलान के बाद सीट शेय़रिंग को लेकर सभी दल एक्टिव है।