Parliament Session 2024: 18वीं लोकसभा के गठन के बाद संसद का यह पहला सत्र है। आज सातवें दिन दोनों सदनों की कार्यवाही जारी है। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं। पीएम मोदी के संसद पहुंचने पर एनडीए के सांसदों ने मोदी-मोदी के नारों से उनका स्वागत किया।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे और कहा कि साल 1984 के बाद देश में 10 चुनाव हुए हैं और 10 चुनावों में कांग्रेस 250 का आंकड़ा नहीं छू पाई है। इस बार ये किसी तरह 99 के फेर में फंसे हैं। मुझे एक किस्सा याद आता है। 99 नंबर लेकर एक व्यक्ति घूम रहा था और दिखाता था कि देखो 99 नंबर आए हैं। लोग भी शाबासी देते थे। टीचर आए और कहा कि किस बात की बधाई दे रहे हो। ये 100 में से 99 नहीं लाया। ये 543 में से 99 लाया है। अब बालक बुद्धि को कौन समझाए।
कांग्रेस के नेताओं के बयानों में बयानबाजी ने शोले फिल्म को भी पीछे छोड़ दिया है। आप सबको शोले फिल्म की मौसीजी याद होंगी। तीसरी बार तो हारे हैं पर मौसी मोरल विक्ट्री तो है ना। 13 राज्यों में जीरो सीटें आई हैं। अरे मौसी 13 राज्यों में जीरो सीटें आई हैं पर हीरो तो हैं ना। अरे पार्टी की लुटिया तो डुबोई है। अरे मौसी पार्टी अभी भी सांसें तो ले रही है। कांग्रेस के लोगों को कहूंगा कि जनादेश को फर्जी जीत के जश्न में मत दबाओ।
फर्जी जीत के नशे में मत डुबाओ। ईमानदारी से जनादेश को समझने की कोशिश करो, उसे स्वीकार करो। मुझे नहीं पता कि कांग्रेस के जो साथी दल हैं, उन्होंने इस चुनाव का विश्लेषण किया है कि नहीं किया है। ये चुनाव इन साथियों के लिए भी एक संदेश है। अब कांग्रेस पार्टी 2024 से एक परजीवी कांग्रेस के रूप में जानी जाएगी। 2024 से जो कांग्रेस है, वो परजीवी कांग्रेस है और परजीवी वो होता है जो जिस शरीर के साथ रहता है, उसी को ही खाता है।
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16 राज्यों में गिरा वोट शेयर
कांग्रेस भी जिस पार्टी के साथ गठबंधन करती है, उसी के वोट खा जाती है और अपनी सहयोगी पार्टी की कीमत पर वो फलती-फूलती है और इसीलिए कांग्रेस, परजीवी कांग्रेस बन चुकी है। यह तथ्यों के आधार पर कह रहा हूं। आपके माध्यम से सदन और सदन के माध्यम से देश के सामने कुछ आंकड़े रखना चाहता हूं। जहां-जहां बीजेपी-कांग्रेस की सीधी फाइट थी, जहां कांग्रेस मेजर पार्टी थी, वहां कांग्रेस का स्ट्राइक रेट सिर्फ 26 परसेंट है।
लेकिन जहां वो किसी का पल्लू पकड़ के चलते थे, ऐसे राज्यों में उनका स्ट्राइक रेट 50 परसेंट है। कांग्रेस की 99 सीटों में से ज्यादातर सीटें उनके सहयोगियों ने जिताया है और इसलिए कह रहा हूं कि परजीवी कांग्रेस है। 16 राज्यों में कांग्रेस जहां अकेले लड़ी, वोट शेयर गिर चुका है। गुजरात, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश, तीन राज्यों में जहां कांग्रेस अपने दम पर लड़ी और 64 में से सिर्फ दो सीट जीत पाई है। इसका साफ मतलब है कि इस चुनाव में कांग्रेस पूरी तरह परजीवी बन चुकी और अपने सहयोगी दलों के कंधे पर चढ़कर के सीटों का आंकड़ा बढ़ाया है।
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