Hathras Hadsa Update: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में स्थित रतिभानपुर में सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई। भगदड़ मचने से 100 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है। कई दर्जनभर लोग गंभीर रूप से घायल है। अब तक जिला अधिकारी ने 60 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है। अस्पताल में शवों का ढेर लगा है और मृतकों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।
हादसे पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला प्रशासन को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके उपचार कराने और मौके पर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद सरकार के दो वरिष्ठ मंत्री और मुख्य सचिव के साथ डीजीपी भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
हाथरस के डीएम आशीष कुमार के अनुसार, एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भगदड़ से लगभग 50-60 लोगों की मौत हो गई है। ये एक निजी कार्यक्रम था, जिसके लिए आयोजकों ने एसडीएम से अनुमति ली थी। सीएचसी का कहना है कि इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 50-60 हो गई। मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
बता दें कि, हाथरस में ये कार्यक्रम 13 साल बाद हुआ है। इस कार्यक्रम के लिए 3 घंटे की प्रशासनिक परमिशन थी। 1.30 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद घटना हुई है। प्रशासन को अनगिनत श्रद्धालुओं के कार्यक्रम में आने की जानकारी दी गई थी और इंतजाम किए गए थे, वहां बहुत भीड़ थी। कार्यक्रम में 12 से साढ़े 12 हजार सेवादार थे। कार्यक्रम खत्म हुआ तो एक साथ भागने लगे और भगदड़ मची। बरसात के मौसम में कीचड़ की वजह से लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे थे।
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शवों की जा रही पहचान- एसएसपी
एटा के एसएसपी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि हाथरस जिले के मुगलगढ़ी गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था, तभी भगदड़ मच गई। एटा अस्पताल में कई लोगों के शव पहुंच चुके हैं, जिनमें महिलाएं, बच्चे और व्यक्ति के शव शामिल हैं। अभी तक कोई भी घायल अस्पताल नहीं पहुंचा हैं। इन सभी शवों की पहचान की जा रही है। इस घटना के कारणों की जांच के लिए एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की एक टीम गठित की गई है।