Supreme Court CJI: इस समय देश में लोकसभा चुनाव का प्रचार प्रसार जोरों पर है और 19 अप्रैल को 21 राज्यों की 102 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है। इस बीच वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और पिंकी आनंद सहित देश के 600 से अधिक वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को एक चिट्ठी लिखी है। पत्र में कहा गया है कि एक विशेष ग्रुप द्वारा देश में न्यायपालिका को कमजोर करने का काम किया जा रहा है।
इन वकीलों ने चिट्ठी में लिखा कि इस खास ग्रुप का काम अदालती फैसलों को प्रभावित करने के लिए दबाव डालना है, विशेष रूप से ऐसे मामलों में जिनसे या तो नेता जुड़े हुए हैं या फिर जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इनकी गतिविधियां देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास के लिए खतरा है।
सीजेआई को पत्र लिखने वाले सीनियर वकीलों में हरीश साल्वे के अलावा मनन कुमार मिश्रा, आदिश अग्रवाल, चेतन मित्तल, पिंकी आनंद, हितेश जैन, उज्ज्वला पवार, उदय होल्ला, स्वरूपमा चतुर्वेदी आदि का नाम शामिल हैं। वकीलों का कहना है कि यह खास ग्रुप कई तरह से न्यायपालिका प्रक्रिया को प्रभावित करने का काम कर रहा है।
यह खास ग्रुप न्यायपालिका के तथाकथित सुनहरे युग को लेकर गलत नैरेटिव पेश करता है और अदालतों की कार्यवाही पर सवाल खड़ा करता है इतना ही नहीं अदालतों द्वारा सुनाए गए फैसलों को लेकर अफवाह फैलाता है, जिससे जनता का अदालत पर विश्वास कम होता है।
आगे वकीलों ने आरोप लगाया कि यह ग्रुप पॉलिटिकल एजेंडे के आधार पर अदालतों के फैसलों को सराहना और आलोचना करता है। यह ग्रुप माइ वे और हाइवे की थ्योरी में विश्वास करता है। इसके अलावा खास ग्रुप बेंच फिक्सिंग की थ्योरी गढ़ने का काम करता है। इसके अलावा पहले नेता एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं और जब अदालत का फैसला उनके मनमाफिक नहीं आतो तो वह मीडिया के सामने आकर नैरेटिव फैलाते हैं।