Haryana Oath Ceremony Live Update: हरियाणा के धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के 11वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है। शपथ से पहले उन्होंने मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पैर छुए और आशीर्वाद लिया। मंगलवार सुबह प्रदेश में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक बुलाई गई। बैठक में विधायक दल के नेता रूप में नायब सिंह सैनी को चुना गया।
इसके बाद 54 साल के नायब सिंह सैनी ने राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। सैनी ने विधायक दल का नेता चुने जाने पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया। नायब सिंह सैनी मनोहर लाल के करीबी हैं। 27 अक्टूबर 2023 को ही उन्हें हरियाणा बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया था।
नायब सिंह के साथ-साथ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। डॉक्टर बनवारी लाल ने एक बार फिर मंत्री पद की शपथ ली है। बनवारी लाल हरियाणा के बावल से विधायक है। सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य मंत्री जो कि हरियाणा सरकार में अनुसूचित वर्ग के मुख्य चेहरा है।
जय प्रकाश दलाल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है जो कि लोहारू सीट से विधायक हैं। साल 2014 में बीजेपी में शामिल होने वाले दलाल पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष, बीजेपी किसान सेल के प्रभारी, जींद जिला प्रभारी जैसे कई पदों पर रह चुके हैं। वह हरियाणा सरकार में कृषि और किसान कल्याण, पशुपालन और डेयरी मत्स्य पालन, कानून और विधायी कैबिनेट मंत्री रहे हैं।
रणजीत सिंह चौटाला हरियाणा सरकार में पहले भी मंत्री रहे हैं। वह मनोहर सरकार में ऊर्जा और बिजली मंत्री रहे हैं। रानिया सीट से वह निर्दलीय विधायक हैं। साल 2019 में उन्होंने अपने पोते दुष्यंत चौटाला के साथ मनोहर सरकार में शामिल हुए थे। रणजीत सिंह पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पुत्र और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई हैं।
हरियाणा के बल्लभगढ़ से बीजेपी विधायक मूलचंद शर्मा मनोहर सरकार में परिवहन और खनन मंत्री रहे हैं। आज उन्होंने फिर से मंत्री पद की शपथ ली है। वह लगातार अपनी सीट से दूसरी बार विधायक बने थे। इसके अलावा विधायक कंवरपाल गुर्जर एक बार फरिर हरियणा कैबिनेट का हिस्सा बने है।
गौरतलब है कि, प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग में बीजेपी और जेजेपी में मनमुटाव हो गया। जिसके बाद सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन भी टूट गया। इसके बाद बीजेपी के पर्यवेक्षक अर्जुन मुंडा और अरुण चुग की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में विधायक दल का नेता नायब सिंह सैनी को चुना गया।
वहीं, जेजेपी ने भी दिल्ली में अपने विधायकों की बैठक बुलाई। जिसमें पार्टी के 10 में से 5 विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये सभी बीजेपी के संपर्क में हैं। जेजेपी कल बुधवार को हिसार में रैली कर अपनी अगली रणनीति का ऐलान करेगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में जेजेपी सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।