ग्राम सरकार को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने नियमों में किया बदलाव, प्रमाणित ऑडिटर्स की देखरेख में होगा ऑडिट

संतोष कुमार सिंह

चंडीगढ़ः शासन की सबसे निचली ईकाईं यानी पंचायती राज संस्थाओं जिसे हम तीसरी सरकार भी कहते हैं में भ्रष्ट्राचार हमेंशा से ही बड़ी समस्या रही है। आये दिन ऐसे मामले सामने आते रहत हैं जिसमें पंचायती राज्य संस्थाओं में गबन की खबरें आती रहती हैं। लेकिन बिना किसी खर्ची और पर्ची के साथ पूरी तरह से पारदर्शी सरकार चलाने में विश्वास रखने वाले मनोहर लाल की सरकार ने हर कदम पर ऐसे प्रावधान बनाये हैं जिससे शासन में किसी भी स्तर पर भ्रष्ट्राचार का मामला सामने न आये और आम जन का विश्वास चुने हुए सरकार पर बना रहे।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार की ओर से एक अहम फैसला लिया गया है ताकि पंचायती राज संस्थाओं और शासन के सबसे निचली ईकाईं यानी पंचायत के कामकाज के प्रति लोगों का भरोसा बढ़े और सरकारी फंड का समुचित इस्तेमाल हो सके।

क्या है प्रदेश सरकार का फैसला

दरअसल प्रदेश सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब पंचायतों और नगर निकायों का लेखापरीक्षा नियंत्रक और महालेखा परीक्षक द्वारा प्रमाणित ऑडिटर्स ही ऑडिट करेंगे। इससे वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने और जवाबदेही तय करने में काफी मदद मिलेगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल सुबीर मलिक की इस एडवाइज पर कार्रवाई करते हुए चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल ने फाइनेंस डिपार्टमेंट के अतिरिक्त मुख्य सचिव  को ब् प्रमाणित ऑडिटर्स से ही ऑडिट कराने के लिए लिखा है।

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ऑडिट की कमियां होंगी दूर

सरकार के इस फैसले से पहले ही डिप्टी कंट्रोलर और ऑडिटर जनरल ने सरकार को सलाह दी थी कि फाइनेंस कमीशन के अलावा सीएजी और हरियाणा सरकार के लोकल निधि ऑडिटर द्वारा किए गए ऑडिट में गड़बड़ियां मिल चुकी हैं। पंचायतों और नगर निकायों में खातों के रखरखाव में भी काफी कमियां सामने आई थीं। इसलिए यह जरूरी है कि सीएजी प्रमाणित होशियार ऑडिटर्स से ही ऑडिट प्रक्रिया को पूरा कराया जाए।

स्थानीय स्तर पर योग्य ऑडिटर्स की भारी कमी

हरियाणा में लोकल लेवल पर योग्य ऑडिटर्स की काफी कमी है। क्योंकि चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य योग्य पेशेवर अकाउंटेंट बड़े शहरों से दूरी और कम पैसे के कारण गांवों और छोटे शहरों में काम लेने और काम करने में रुचि नहीं रखते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए ऑडिटर जनरल ने सरकार को सलाह दी है कि स्थानीय क्षेत्रों में काम करने के इच्छुक अकाउंटेंट का एक समूह बनाकर और इन निकायों के अपेक्षाकृत सरल खाते तैयार करने के लिए जरूरी कौशल रखने से इस समस्या को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।

स्थानीय अकाउंटेंट के प्रमाणन की हुई व्यवस्था

सीएजी ने नवंबर 2022 में अकाउंटेंट के लिए ऑनलाइन प्रमाणन कोर्स का एक सेट विकसित करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया  के साथ एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसने तीन महीने के पाठ्यक्रम शुरू किए। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए दो.दो कोर्स शुरू किए हैं।

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