कुरूक्षेत्र: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ से जन शताब्दी ट्रेन के जरिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंचें जहां उन्होंने हैप्पीनेस सेंटर का उद्घाटन किया और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में “हरियाणा में सिखों की सेवा में खट्टर” नाम पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक को पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला के प्रशासक व लेखक डा. प्रभलीन सिंह ने लिखी है।
जिनका दावा है कि सिख समाज के लोगों को तमाम मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने, समाज के लोगों का मान-सम्मान करने और सिख समाज के लोगों के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने कार्य किए हैं। बड़ी बात यह है कि इस दौरान सभागार में बड़ी संख्या में सिख समाज के लोग मौजूद रहे।
वेलनेस सेंटर का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में रखी फाउंडेशन फॉर हैप्पीनेस के सहयोग से हैप्पीनेस सेंटर में विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी व आमजन खुश रहने के तौर तरीके सीख सकेंगे और जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना भी सरलता से कर सकेंगे।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को सेंटर के माध्यम से खुशी विज्ञान पढ़ाई जाएगी, जिसके माध्यम से तकनीकी दौर में तनाव मुक्त होकर युवा खुश मन से अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्य कर सफलता हासिल करेंगे। उन्होंने इस सेंटर की स्थापना के लिए कुलपति प्रो सोमनाथ सचदेवा, रेखी फाउंडेशन के प्रतिनिधि डॉ. किरणजोत सिंह व डॉ. प्रभलीन सिंह सहित इस सेंटर की स्थापना में सहयोग देने वाली उनकी पूरी टीम को बधाई दी।
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कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में हरियाणा के सिखों की सेवा में खट्टर पुस्तक का विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केवल सिख गुरुओं का इतिहास पढ़ने से कुछ नहीं होगा उनपर अमल करना होगा। गुरुओं के दिए संदेशों का अनुशरण कर उन पर अमल करना होगा। समाजसेवा में आगे आना होगा तथा देश को आगे ले जाना होगा।
महापुरूषों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज बनेगा बेहतर
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि समय-समय पर महापुरुषों ने सही मार्ग दिखाया है, जो सभी के भलाई के लिए साबित हुआ है। सिख महापुरूषों ने भी बिना भेदभाव के समाज को बेहतर बनाने का संदेश दिया है। उन्हीं संदेश पर आज सरकार चल रही है और प्रदेश विकास की राह पर है। हर व्यक्ति को ऐसे महापुरुषों की शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज व देश के लिए तत्पर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में पंजाब से भी ज्यादा सिख महापुरूषों का आगमन रहा है। ऐसे सभी महापुरूषों की निशानियां हमें सरंक्षित करनी चाहिए, इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से पिपली में संग्रहालय स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए जमीन चिंहित कर ली गई है। पहले यह सग्रहालय अंबाला में बनाए जाने की योजना थी, लेकिन कुरुक्षेत्र में सिख महापरुषों के रहे ज्यादा आगमन और संगत को देखते हुए इसे यहां बनाए जाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लौहगढ़ में सिख महापुरूष बंदा बहादुर सिंह स्मारक बनाया जा रहा है, जहां देश-दुनिया उनकी बहादुरी से अवगत हो सकेगी। जल्द ही यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
पुस्तक के टाइटल पर उठाये सवाल
लेकिन इस दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा के सिखों की सेवा में खट्टर नामक पुस्तक के टाईटल पर सवाल खड़ा किया और कहा कि इससे जातीय भाव झलक रहा है, जो सही नहीं है। महापुरषों ने भी बिना भेदभाव के कार्य करना सिखाया है। उन्होंने कहा कि गुरुबाणी की सेवा जो बोले सो निहाल, सेवक बने मनोहर लाल टाइटल हो सकता है। इस पर लेखक को विचार करना चाहिए, ताकि हर पाठक तक सही संदेश जा जाए। साथ ही यह भी संकेत दिया कि पुस्तक का महत्व उसकी बनावट से नहीं बल्कि उसमें लिखी गई सामग्री से होता है।
जल्द होगा गुरुद्वारा प्रबंधन स्थाई कमेटी का चुनाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अलग गुरुद्वारा प्रबंधन स्थाई कमेटी के लिए जल्द चुनाव होंगे, जिसके लिए प्रक्रिया चली हुई है। अलग कमेटी होने से प्रदेश के गुरुघरों का और ज्यादा बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। इस दौरान सांसद संजय भाटिया, पूर्व सांसद एवं अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन रहे त्रिलोचन सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं हरियाणा सिख कमेटी के महासचिव रमणीक मान ने भी संबोधित किया जबकि इस दौरान हरियाणा कमेटी के प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध व अन्य सिखनेता मौजूद रहे।