Rahul Gandhi on Ayodhya Pran Pratistha: अयोध्या में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है। राहुल गांधी का कहना है कि वह 22 जनवरी को अयोध्या नहीं जा रहे हैं। हम धर्म का फायदा नहीं उठाना चाहते हैं।
रामनगरी में होने वाला प्राण प्रतिष्ठा समारोह एक राजनीतिक कार्यक्रम है। हम धर्म की शर्ट नहीं पहनना चाहते हैं। जो अगर अयोध्या जाना चाहते हैं तो जा सकते हैं लेकिन हम 22 जनवरी को होने वाले राजनीतिक इवेंट में नहीं जाएंगे।
आगे राहुल गांधी का कहना है कि जो मेरी सोच है वह यह है कि जो सचमुच में धर्म को मानता है वह धर्म के साथ निजी रिश्ता रखता है। मैं धर्म के सिद्धांतों से अपनी जिंदगी जीने की कोशिश करता हूं। लोगों के साथ ठीक से बर्ताव करता हूं, उनकी इज्जत रखता हूं। मैं नफरत नहीं फैलाता हूं।
Read Also: Loksabha Chunav 2024: ना INDIA ना NDA, आम चुनाव में अकेला चलेगा हाथी
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को बनाया मोदी कार्यक्रम- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने आगे कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने इस कार्यक्रम को नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम बना दिया है। हम सभी धर्मों को मानते हैं और उनका सम्मान करते हैं। हिन्दू धर्मे के नेतृत्वकर्ताओं ने प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अपने विचार रखे हैं। 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को राजनीतिक कार्यक्रम करार दिया है।
मंगलवार को राहुल गांधी ने यह बातें नगालैंड में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही है। इस समय राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे हैं। 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई यात्रा इस समय नगालैंड में है।