Ayodhya Ram Mandir Pran Pratistha: रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर लगभग सभी विपक्षी दलों ने न्योता ठुकरा दिया। जिसके बाद बीजेपी ने विपक्ष को लेकर निशाना साधा है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं की तस्वीर लगी है। कैप्शन में लिखा कि- पहचानिए राम मंदिर के न्योते को ठुकराने वाले चेहरे…सनातन विरोधी इंडी गठबंधन।
सोशल मीडिया पर जारी इस पोस्टर में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अधीर रंजन चौधरी, ममता बनर्जी, सीताराम येचुरी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर है। दरअसल, कांग्रेस ने बुधवार को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्योता ठुकरा दिया था। अब तक कांग्रेस के अलावा I.N.D.I. A की 4 और पार्टियां सपा, टीएमसी, सीपीआई (एम) और शिवसेना (उद्धव गुट) प्राण प्रतिष्ठा में जाने से मना कर चुकी है।
हालांकि, विपक्षी गठबंधन के दो बड़े चेहरे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और बिहार के सीएम नीतीश कुमार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कहा जा रहा है कि दिल्ली के सीएम समारोह में शामिल हो सकते हैं। बीजेपी के हमले के बाद कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पलटवार किया है।
सचिन पायलट ने रायपुर में कहा कि मंदिर जाना या न जाना आस्था का सवाल है। हम जनता के मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। राजनीति और धर्म को अलग-अलग रखना चाहिए। किसी को अच्छा या बुरा हिंदू होने का सर्टिफिकेट बीजेपी नहीं देगी। बीजेपी धार्मिक ध्रुवीकरण करना चाहती है। राम मंदिर को लेकर जनता को बरगलाने का काम कर रही है।
वहीं, न्योता ठुकराने के बाद कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है। कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम किसी पार्टी के नहीं है। हमारी लड़ाई राम या अयोध्या से नहीं, बीजेपी से है। कुछ लोग कांग्रेस को वामपंथी रास्ते पर ले जा रहे हैं। मैं चाहता हूं कि कांग्रेस नेतृत्व को अयोध्या न जाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
इसके बाद गुजरात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने भी रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पार्टी के शामिल नहीं होने को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम हमारी आस्था का केन्द्र है। देश की करोड़ों जनता भगवान राम को आराध्य देव मानती है।