Kedarnath Landslide: रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा मार्ग पर शुक्रवार तड़के मौसम बिगड़ने के बाद बड़ा भूस्खलन हुआ। चिरबासा हेलीपैड के पास बादल फटने के कारण करीब 150 मीटर क्षेत्र में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर पैदल मार्ग पर आ गए। घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी गई। हालांकि स्थिति का जायजा लेने के बाद पैदल यात्रियों की आवाजाही फिर शुरू कर दी गई है। फिलहाल घोड़े-खच्चरों की आवाजाही बंद रखी गई है।
बादल फटने के बाद रास्ते पर आया मलबा
शुक्रवार सुबह चिरबासा हेलीपैड के समीप अचानक बादल फट गया। इसके बाद करीब 150 मीटर हिस्से में भारी भूस्खलन हुआ और पैदल मार्ग पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया। इसके साथ ही कई बड़े बोल्डर भी रास्ते में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और मार्ग को दोबारा सुचारू करने का काम शुरू किया।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि फिलहाल घटना में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। भूस्खलन के बाद यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी गई थी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद पैदल यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दे दी गई।
घोड़े-खच्चरों की आवाजाही अभी बंद
प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर घोड़े और खच्चरों की आवाजाही फिलहाल बंद रखी गई है। मार्ग पर गिरे मलबे और बोल्डरों को हटाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रशासन पूरे क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पहाड़ी इलाकों में मौसम लगातार बदल रहा है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों से सतर्कता बरतने और सुरक्षित तरीके से यात्रा करने की अपील की है। फिलहाल भूस्खलन की इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बद्रीनाथ में दो महिला तीर्थयात्रियों की मौत
इसी बीच बद्रीनाथ में एक अलग घटना में राजस्थान की दो बुजुर्ग महिला तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। दोनों महिलाएं बदरीनाथ मंदिर के पास स्थित तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। पुलिस के मुताबिक, स्नान के दौरान दोनों अचानक बेहोश हो गईं। घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों महिलाओं को एंबुलेंस सेवा 108 के जरिए उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।