Bhopal Selter House: शनिवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बालिका गृह से बच्चियों के गायब होने की ख़बर मिली थी। बताया जा रहा है कि 26 बच्चियां लापता मिली थी। हरकत में आए प्रशासन ने जब जांच शुरू की तो उसमें से 12 बच्चियां अपने-अपने घर में मिली। एक्शन लेते हुए प्रशासन ने दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया और दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बालिका गृह बिना किसी की अनुमति के चलाया जा रहा था। भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र से संचालित आंचल मिशचरी संस्था के बालिका गृह का जब निरीक्षण किया गया था जिसमें 26 बच्चियां गायब मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच की और 12 बच्चियों का पता लगा लिया। साथ ही लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों की गर्दन नपी है। दो अफसरों को नोटिस जारी किया।
दो अधिकारी निलंबित
बता दें कि, लापरवाही बरतने पर सीडीपीओ बृजेन्द्र प्रताप सिंह और सीडीपीओ कोमल उपाध्याय को निलंबित किया गया। साथ ही महिला बाल विकास अधिकारी सुनील सोलंकी एवं सहायक संचालक महिला बाल विकास रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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दरअसल, बालिका गृह के निरिक्षण में 68 में से 26 बच्चियां लापता मिली थी। इनमें से ज्यादातर बच्चियां अलग-अलग राज्य की थी। हालांकि बाकी 41 बच्चियों को दूसरे बाल गृह में शिफ्त कर दिया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रिंयक कानूनगो ने मुख्य सचिव वीरा राणा को पत्र लिखा है।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
सात दिन में पूरे मामले की जांच की रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। यह मामला निरीक्षण के दौरान पता चला। जिसमें सामने आया कि बालिका गृह बिना मान्यता और रजिस्ट्रेशन के संचालित किया जा रहा था। इस बच्चियों को सरकार ने बिना बताए यहां रखा जा रहा था। जिसके बाद गृह का निरीक्षण किया गया।
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