मुंबई:ओम प्रकाश द्वारा निर्देशित फिल्म आदिपुरुष पर बवाल थम नहीं रहा है। दर्शकों से इस फिल्म को कड़ी आलोचना झेलेनी पड़ रही है। आदिपुरुष को बैन करने की मांग की जा रही है। अब इस फिल्म को हाइकोर्ट से इसे कड़ी फटकार पड़ी है। कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं और सेंसर बोर्ड को लेकर सख्त टिप्पणी की है।
आदिपुरुष पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सैफ अली खान, प्रभास और कृति सैनन स्टार रामायण पर आधारित फिल्म आदिपुरुष रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई थी। फिल्म के पहले टीजर की जमकर आलोचना हुई थी। हनुमान और रावण के गेट को लेकर जमकर बवाल मचा। इसके बाद फिल्म के मेकर्स ने चेंजेस के साथ न्यू टीजर को लॉच किया। फिर जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई तो इसके संवाद को लेकर खूब मचा। जिसे एडिट करके डबिंग के साथ दोबार से फिल्म के सीन्स के साथ सिंक किया गया। अब इस फिल्म पर मचा बवाल इलाहाबाद कोर्ट पहुंच चुका है। जिसकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मेकर्स को जमकर लताड़ लगाई है।
धार्मिक ग्रंथों को बख्श दीजिए- HC
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने फिल्म पर बैन लगाने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि, आप लोग धार्मिक ग्रंथों को बख्श दीजिए।कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, अगर हमने आज अपना मुंह बंद कर दिया तो हमें पता है कि क्या होगा। मामले की सुनवाई कर रहे जज ने कहा, मैंने एक फिल्म देखी थी, जिसमें भगवान शंकर को मजाकिया अंदाज में त्रिशूल लेकर भागते दिखाया गया था। अब आगे ये सब दिखाया जाएगा? कोर्ट ने आगे कहा कि फिल्म चलती है तो फिल्ममेकर्स पैसा कमाते हैं। ये बार-बार हो रहा है। प्रोड्यूसर को इस बार अदालत में आना होगा। ये कोई मजाक नहीं है।
कुरान पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाई फिर…..
जस्टिस चौहान ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्ममेकर्स का काम केवल पैसा कमाना है। जस्टिस चौहान ने कहा, कुरान के बारे में छोटी सी डॉक्यूमेंट्री बना दीजिए, जिसमें गलत दिखाया गया हो, फिर देखिए क्या हो सकता है। हालांकि, मैं एक बार फिर क्लियर कर दूं कि ये किसी एक धर्म के बारे में नहीं है। संयोग है कि ये मामला रामायण से जुड़ा है, वरना कोर्ट सभी धर्मों का है। सुनवाई के दौरानकोर्ट ने सवाल किया कि आप नई पीढ़ी को क्या सिखाना चाहते हैं? रामायण के कई चरित्रों की पूजा की जाती है और उन्हें फिल्म में किस तरह दिखाया गया है।
सेंसर बोर्ड पर को लिया आड़े हाथों
इलाहाबादहाई कोर्ट ने फिल्म आदिपुरुष को मंजूरी देने वाले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पर भी सख्त टिप्पणी की।डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया एसबी पांडेय ने कोर्ट ने बताया कि फिल्म को सेंसर बोर्ड के गंभीर सदस्यों ने प्रमाणपत्र दिया था। इस पर पीठ ने सेंसर बोर्ड मेंबर्स की तरफ इशारा करते हुए कहा, आप कह रहे हैं कि संस्कार वाले लोगों ने इस फिल्म को सर्टिफाई किया है, जहां रामायण के बारे में ऐसा दिखाया गया है तो वे लोग भी धन्य हैं।