ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर संघ लोक सेवा आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। यूपीएससी ने पूजा खेडकर की अफसरी को रद्द कर दिया। इसके अलावा भविष्य में होने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी है। अब पूजा खेडकर भविष्य में कभी अफसर नहीं बन पाएगी। खेडकर के तमाम दस्तावेजों की जांच के आधार पर यूपीएससी ने सीएसई-2022 नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया।
इससे पहले यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए। यूपीएससी ने इस बाबत एफआईआर भी दर्ज कराई थी। अब यूपीएससी ने बड़ा एक्शन ले लिया है।
पूजा खेडकर मामले की जांच के लिए यूपीएससी ने पिछले 15 साल के डेटा की समीक्षा की। इसके बाद सामने आया कि खेडकर का इकलौता केस था जिसमें यह पता नहीं लगाया जा सका कि खेडकर ने कितनी बार यूपीएससी का एग्जाम दिया क्योंकि, उन्होंने हर बार न केवल अपना नाम बल्कि अपने माता-पिता का नाम भी बदल लिया था।
अब भविष्य में ऐसा न हो सके इसके लिए यूपीएससी एसओपी को और मजबूत करने की तैयारी कर रही है। पूजा खेडकर भी अब कभी यूपीएससी की परीक्षा नहीं दे पाएगी। फिलहाल, पूजा खेडकर अब ट्रेनी आईएएस अधिकारी भी नहीं रही है।
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