Mukhtar Ansari Death: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मुख्तार की तबीयत खराब होने के बाद रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां 9 डॉक्टर्स की टीम ने अंसारी का इलाज किया लेकिन जिंदा नहीं बचा सके। जेल प्रशासन ने अस्पताल में जानकारी दी थी कि अंसारी को उल्टी आ रही थी और बाद में वह बेहोश हो गए। इसके बाद आनन-फानन में अंसारी को अस्पताल लेकर आए हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुख्तार ने खिचड़ी खाई थी। उसे खून की उल्टी आने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई। आज मुख्तार का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और इसके बाद शव को परिवार को सुपुर्द कर दिया जाएगा। विपक्षी दल लगातार मुख्तार अंसारी की मौत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस बीच मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने बांदा जिलाधिकारी को पत्र लिखा और पिता का पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स के एक डॉक्टर पैनल से कराने की मांग की है। अपने पत्र में अंसारी ने लिखा है कि उनके परिवार को बांदा की चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।
वहीं, सपा के सीनियर नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, इस परिवार से हमारे बहुत अच्छे संबंध थे और मुख्तार की मौत संदिग्ध है। इसलिए कोर्ट को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। अगर जेल में किसी की मौत होती है तो जिम्मेदारी सबकी बनती है। जेल प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक। राज्य सरकार इस मामले पर शांत है।
गाजीपुर की डीएम आर्यका अखौरी का कहना है, सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, फोर्स की तैनाती और मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। हर कोई ड्यूटी पर है। जुमे की नमाज भी है, हमें यह सुनिश्चित करना है कि यह शांतिपूर्ण माहौल में हो सके। हम सुरक्षा व्यस्था को लेकर पूरी तरह से अलर्ट हैं।
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