UP Politics: देश इस समय आम चुनाव के मुहाने पर खड़ा है। किसी भी दिन चुनावों की तारीखों का ऐलान हो सकता है, लेकिन चुनाव से पहले कांग्रेस को झटके पर झटके लग रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा है। कानपुर के कददावर नेता अजय कपूर कांग्रेस को छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए।
अजय कपूर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, बिहार सहप्रभारी और पूर्व विधायक रह चुके हैं। अजय कपूर कानपुर की राजनीति में खासा प्रभाव रखते हैं और उन्हें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है। अजय कपूर के बीजेपी में जाने पर शहर में कांग्रेस सियासत को बड़ा झटका लगा है।
अजय, उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के रिश्तेदार भी हैं। अजय कपूर को शहर की राजनीति में कांग्रेस का कद्दावर नेता माना जाता है। वह किदवई नगर और उससे पहले गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने अपने एक्स अकाउंट से कांग्रेस का जिक्र भी हटा दिया था।
बीजेपी से मिल सकता है टिकट
गौरतलब है कि, अजय कपूर कानपुर की राजनीति में कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। वह सपा के साथ गठबंधन के बाद खाते में आई कानपुर लोकसभा सीट से प्रबल दावेदार थे। प्रदेश स्तरीय चुनाव संचालन समिति की बैठक में कानपुर से भेजे गए दावेदारों के पैनल में उनका नाम एक नंबर पर रखा गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के सामने राजनीति में हमेशा अजय गुट रहा।
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पूर्व विधायक अजय कपूर को बीजेपी से लोकसभा चुनाव का टिकट मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। उनके दो भाई उद्यमी विजय कपूर और भारतीय चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर पहले ही बीजेपी का दामन लिया था। बताया जा रहा है कि अजय कपूर को बीजेपी में शामिल करने की पटकथा प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिखी है।
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