Haryana Dushyant Chautala JJP: किसी भी वक्त लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इसी साल हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस चुनावी साल में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) को बड़ा झटका लगा है। प्रदेश में पहले बीजेपी ने जेजेपी का साथ छोड़ दिया। अब जेजेपी विधायक पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं।
मंगलवार सुबह अचानक प्रदेश के सीएम मनोहर लाल ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी इस्तीफा दे दिया था। इसी के साथ प्रदेश में बीजेपी-जेजेपी का गठबंधन टूट गया। दरअसल, दोनों दलों में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों की शेयरिंग को लेकर विवाद हुआ था। जेजेपी हिसार और रोहतक की लोकसभा सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन बीजेपी दोनों सीटें देने से इंकार कर दिया था।
जिसके बाद दोनों दलों ने अपना-अपना रास्ता अलग कर लिया। मंगलवार 12 मार्च को हरियाणा को नए सीएम नायब सैनी मिल गए। मनोहर लाल के इस्तीफे के कुछ घंटों बाद विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता नायब सैनी को चुना गया और शाम 5 बजे राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली गई।
पांच विधायक हुए बागी
आज सदन में सैनी सरकार का फ्लोर टेस्ट हो रहा है। 90 सदस्यों वाली सदन में बीजेपी के पास 41 विधायक है और हरियाणा लोकशक्ति पार्टी (हलोपा) का एक विधायक समेत 6 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है। ऐसे में जेजेपी के भी करीब पांच विधायकों ने बागी रूख अख्तियार कर लिया है।
जेजेपी के पांच विधायक पार्टी व्हिप को ठेंगा दिखाते हुए हरियाणा विधानसभा पहुंचे हैं। सैनी सरकार को आज विधानसभा में विश्वासमत प्राप्त करना है। जेजेपी ने अपने विधायकों को व्हिप जारी कर विधानसभा की कार्यवाही से गैरहाजिर रहने के लिए कहा था। जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला हिसार में नव संकल्प रैली कर रहे हैं।
इस रैली में दुष्यंत बीजेपी के गठबंधन तोड़ने के साथ ही भविष्य की रणनीति का भी खुलासा कर सकते हैं। जेजेपी ने अपने सभी विधायकों से इस रैली में मौजूद रहने को कहा था लेकिन, पार्टी के पांच विधायकों ने हिसार रैली से किनारा कर लिया। चार विधायक तो पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सदन में भी मौजूद हैं।