संतोष कुमार सिंह
चंडीगढ़ः सेवा व समर्पण के जरिए रार्ष्टीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता समय-समय पर वो संदेश दे जाते हैं जिसकी मिसालें दी जाती है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या प्रदेश के मुखिया मनोहर लाल का जीवन उस भक्ति गाने की तरह है जिसमें कहा जाता है तन सर्मपित, मन सर्मपित और ये जीवन समर्पित। संघ के कार्यकर्ता के में देखें या फिर प्रदेश के मुखिया के रूप में विगत 10 साल के कार्यकाल में ‘जस की तस धर दीनी चदरिया’ वाला मनोहर लाल का जीवन निश्चित रूप से अनुकरणिय है।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज सुबह रोहतक से भिवानी जाते समय पैतृक गांव बनियानी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने व चचेरे भाई के पैतृक मकान को गांव की पंचायत को सौंप दिया। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि इस मकान में ई.लाइब्रेरी बनाई जाएए जो गांव की अगली पीढ़ी के काम आ सकेगी।
बचपन की यादें की साझा
अपने पैतृक गांव बनियानी पहुंचे मुख्यनंत्री ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि आज उन्हें अपने पैतृक गांव में विकास कार्यों में जायजा लेने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां उनका बचपन बीता है और उन्होंने यहां पढ़ाई की है, जिससे उन्हें गांव के महत्व का अधिकतम अहसास हुआ है।
लाईब्रेरी आयेगी बच्चों के काम
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने इस फैसले के विषय में कहा कि वह अपने घर में ई.लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्णय लेते हुए बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना चाहते हैं जिससे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं मिलेंगी। इसके माध्यम से सीएम ने गांव के सामाजिक और शैक्षणिक विकास के प्रति अपने प्रतिबद्धता को मजबूती से दिखाया है।
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