दिल्ली में प्रदूषण से निपटने को 33 नए प्रयोग, जानें कब से शुरू होगा परीक्षण

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए दिल्ली सरकार की ‘इनोवेशन चैलेंज’ प्रतियोगिता में चयनित लगभग 33 नवाचारों का अब दूसरे चरण में परीक्षण शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इन नवाचारों में शहर में धूल और धुएं को नियंत्रित करने वाले कई आधुनिक उपकरण शामिल हैं।

नवाचारों में क्या शामिल है

चयनित नवाचारों में खंभों पर लगाए जाने वाले सौर ऊर्जा से संचालित ‘डस्ट ट्रैप’, बिना फिल्टर के धुआं और धूल पकड़ने वाले ‘कार्बन-कैप्चर’ उपकरण, ‘इलेक्ट्रोस्टैटिक मिस्ट स्प्रेयर’, ‘स्मार्ट डस्ट-सप्रेशन’ मॉडल और वाहनों में लगाए जाने वाले एयर प्यूरीफायर शामिल हैं। ये उपकरण कारों और अन्य वाहनों के उत्सर्जन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेंगे।

कैसे होगी चयन प्रक्रिया और प्रदर्शनी

दिल्ली सरकार की इस पहल के लिए बड़ी संख्या में आवेदनों में से सबसे प्रभावशाली नवाचारों को चुना गया। जनवरी में इन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान प्रदर्शित किया गया था।

परीक्षण का चरण और समयसीमा

अधिकारियों ने बताया कि इन नवाचारों का परीक्षण मई के पहले सप्ताह में शुरू होने की संभावना है और अगले तीन महीनों में इसे पूरा किया जाएगा। सरकार परीक्षण के लिए सभी आवश्यक बुनियादी ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराएगी।

क्या है उद्देश्य ?

दिल्ली सरकार का उद्देश्य व्यावहारिक और प्रभावी समाधान खोजकर शहर में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करना है। इस पहल से यह उम्मीद है कि नए तकनीकी उपायों के माध्यम से दिल्ली के नागरिकों की सांस लेने की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

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