उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की सीधी भर्ती-2023 के तहत चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन अभ्यर्थियों का चयन पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ये अभ्यर्थी प्रदेश पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे।
6 महीने में एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का दावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले नियुक्ति पत्र बांटने को लेकर सवाल उठाने वालों को आज देखना चाहिए कि प्रदेश में लगातार युवाओं को नियुक्तियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। इससे पहले पिछले महीने मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग में नवनियुक्त 3,572 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।
पिछली सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों पर भर्ती आयोगों और बोर्डों में अपने लोगों को बैठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई थी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय की व्यवस्था में भ्रष्टाचार और भेदभाव के कारण उत्तर प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा का उचित सम्मान नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि पहले नौकरियों में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का बोलबाला था। युवाओं के मन में यह आशंका रहती थी कि बिना सिफारिश और लेन-देन के भर्ती पूरी नहीं होगी। उनके मुताबिक, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और शुचिता होने से युवाओं का शासन व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होता है।
पारदर्शी भर्ती से बढ़ता है शासन पर विश्वास
सीएम योगी ने कहा कि किसी अभ्यर्थी का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चयन केवल उसके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि शासन और आम लोगों के प्रति विश्वास का भी प्रतीक होता है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण युवाओं में निराशा और हताशा थी।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पहले माफिया खुलेआम असलहे लेकर घूमते थे, जबकि अब प्रदेश में कानून का राज है। उन्होंने कहा कि आज भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।