UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल रोशनी और खुशियों का त्योहार नहीं, बल्कि आत्मीयता, उल्लास और लोकमंगल की भावना का पर्व है। इस अवसर पर जब हम अपने प्रियजनों को उपहार देते हैं, तो हमें उन कारीगरों और शिल्पकारों के हाथों का भी स्मरण करना चाहिए, जिन्होंने अपनी मेहनत और साधना से उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प को विशिष्ट पहचान दिलाई है।
मुख्यमंत्री ने ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना ने प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। आज उत्तर प्रदेश के निर्यात में ODOP उत्पादों की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुँच गई है। राज्य के 81 उत्पादों को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिल चुका है, जिससे ये उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दीपावली ODOP उत्पादों को ही उपहार स्वरूप अपनाएँ। यह न केवल प्रदेश की समृद्ध विरासत के प्रति अनुराग है, बल्कि कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के परिश्रम के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति भी है।
‘वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को याद करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करके ही ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को नई शक्ति मिल सकती है। उन्होंने सभी को शुभ दीपावली की शुभकामनाएँ दीं।
यह संदेश पारंपरिक त्योहार को आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास है। ODOP योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थान मिल रहा है। दीपावली जैसे त्योहार पर स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर नागरिक न केवल अपनी संस्कृति को संरक्षित कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना सकते हैं।