नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को दिल्ली के भलस्वा लैंडफिल साइट का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रहे सफाई, लेगेसी वेस्ट प्रोसेसिंग और पुनर्स्थापन कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान एमसीडी आयुक्त और आवासन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि 31 जुलाई 2026 तक भलस्वा डंपसाइट से 99.07 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है। शेष लेगेसी वेस्ट को 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह हटाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं मार्च 2026 तक जमा हुए कचरे का निस्तारण 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है।
मनोहर लाल में कहा-मिशन मोड में हो रहा काम
मनोहर लाल ने कहा कि कूड़े के इस विशाल पहाड़ को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग तथा वैज्ञानिक वेस्ट डिस्पोजल की प्रक्रिया को मिशन मोड में गति दी जा रही है। पर्यावरणीय मानकों का पूरा पालन सुनिश्चित करते हुए आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, जनस्वास्थ्य, वायु गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए समग्र रूप से काम हो रहा है। उन्होंने एमसीडी को निर्देश दिया कि साइट पर आने वाले ताजा कचरे के प्रोसेसिंग के नए प्रोजेक्ट को तेज किया जाए, ताकि नया कचरा जमा न हो और सफाई का काम बाधित न हो।
PM मोदी को सराहा
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के संकल्प को आगे बढ़ाने का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार के समन्वित प्रयासों से स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त राजधानी बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है। भलस्वा लैंडफिल साइट को निर्धारित समयसीमा में पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी आवश्यक कदम युद्धस्तर पर उठाए जा रहे हैं। भलस्वा डंपसाइट 1994 से चल रही है। पिछले एक साल में कचरे के पहाड़ का आकार काफी कम हो गया है। यह काम स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन के तहत हो रहा है।