पुणे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। यह पुरस्कार लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर तिलक स्मारक ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया गया।
समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। अमित शाह ने अजित डोभाल को पारंपरिक पुणेरी पगड़ी पहनाई, स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और अन्य सम्मान प्रदान किए।
अमित शाह ने की डोभाल ने की तारीफ़
गृह मंत्री ने अजित डोभाल की तारीफ करते हुए कहा कि जब भी देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा का इतिहास लिखा जाएगा, तो अजित डोभाल के लिए एक सुनहरा पन्ना सुरक्षित रखना होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति को मजबूती मिलने में डोभाल का बड़ा योगदान है। शाह ने 2008 के अहमदाबाद बम धमाकों का जिक्र करते हुए बताया कि तब अजित डोभाल की सलाह से गुजरात पुलिस ने कई सीरियल ब्लास्ट केस सुलझाए थे।
डोभाल ने किए कई बड़े काम
81 वर्षीय अजित डोभाल भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं। उन्होंने मिजोरम, पंजाब, जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया है और डोकलाम संकट समेत कई महत्वपूर्ण अभियानों में भूमिका निभाई है। पुरस्कार स्वीकार करते हुए अजित डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने लोकमान्य तिलक के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही।यह पुरस्कार 1983 से हर साल 1 अगस्त को उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई दिग्गजों को यह सम्मान मिल चुका है।