Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा गुरुवार से श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गई। सुबह से ही लाखों श्रद्धालु श्री जगन्नाथ मंदिर के आसपास जुटने लगे। भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों में विराजमान होकर श्री गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए। पूरे शहर में “जय जगन्नाथ” के जयघोष से भक्तिमय माहौल बन गया।
भव्य रथों के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के रथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तलध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ को लाखों श्रद्धालु रस्सियों से खींचते हैं। मान्यता है कि रथ को खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान की विशेष कृपा मिलती है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रथ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पुरी शहर में बड़ी संख्या में पुलिस बल, अर्धसैनिक बल और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और कंट्रोल रूम के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मेडिकल कैंप और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
आस्था और संस्कृति का महापर्व
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। इस पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद विशेष है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर भगवान के दर्शन करते हैं और रथ खींचने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी प्रतीक मानी जाती है।
रथ यात्रा के शुभारंभ के साथ पुरी पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।