Ayodhya Ram Navami 2026(अयोध्या): उत्तर प्रदेश के अयोध्या में शुक्रवार को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी का पर्व अत्यधिक भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अधिकारियों के अनुसार इस अवसर पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे और उन्होंने जन्मोत्सव में भाग लिया।
‘सूर्य तिलक’ ने खींचा ध्यान
राम मंदिर में दोपहर 12 बजे वैज्ञानिक तकनीक की मदद से रामलला का दिव्य ‘सूर्य तिलक’ किया गया। करीब नौ मिनट तक सूर्य की किरणें सीधे भगवान के मस्तक पर पड़ीं। गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार अनुष्ठान संपन्न किए। समारोह के बाद मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद किए गए और भगवान को 56 व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। यह रामलला की स्थापना के बाद दूसरा ‘सूर्य तिलक’ समारोह था।
सरयू नदी पर जुटे श्रद्धालु
सुबह सूर्योदय के साथ ही उत्सव की शुरुआत सूर्य आराधना से हुई। दोपहर में भगवान के जन्म के समय सभी मंदिरों में विशेष पूजन और अनुष्ठान आयोजित किए गए। पुजारी अनुराग शुक्ला ने बताया कि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और पालने में विराजमान रामलला की प्रतिमा को झुलाकर जन्मोत्सव मनाया। इस अवसर पर भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की रथयात्राएं विभिन्न मंदिरों से निकाली गईं। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के तट पर पवित्र स्नान किया और कई लोगों ने व्रत भी रखा।
सुरक्षा और सुविधाओं का प्रबंध
सुरक्षा के मद्देनजर अयोध्या को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटा गया था। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि यातायात में बदलाव किया गया और भारी वाहनों का मार्ग पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर मोड़ा गया। अर्धसैनिक बल, पीएसी, जल पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। गर्मी से तीर्थयात्रियों को राहत देने के लिए राम मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख स्थानों पर छांव, चटाई और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया। रामनवमी का पर्व चैत्र नवरात्र के नौवें दिन मनाया जाता है और यह भगवान राम के जन्म का प्रतीक पर्व है, जो हर वर्ष श्रद्धा और भक्ति के साथ अयोध्या में मनाया जाता है।