नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर देश की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकताओं में आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों के हितों की रक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना शामिल है।
कई मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रहे शामिल
बैठक में एन. चंद्रबाबू नायडू, योगी आदित्यनाथ, रेवंत रेड्डी, भगवंत मान, भूपेंद्र पटेल, उमर अब्दुल्ला, सुखविंदर सिंह सुक्खू और पेमा खांडू समेत कई नेता शामिल हुए। इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।
स्थिति पर लगातार नजर जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति तेजी से बदल रही है, जिसके कारण निरंतर निगरानी और लचीली रणनीति अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि समय पर सूचना साझा करना और संयुक्त निर्णय लेना ही प्रभावी प्रतिक्रिया की कुंजी है।
जमाखोरी और अफवाहों पर सख्ती के दिए निर्देश
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू बनाए रखें और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने अफवाहों और गलत सूचनाओं से सावधान रहने को कहा और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कोविड जैसे संकट से मिली सीख
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पहले भी वैश्विक संकटों का सामना कर चुका है। COVID-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों ने मिलकर ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम किया था, जिससे देश ने चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहा कि वही समन्वय इस बार भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अंतर-मंत्रालयी समूह कर रहा निगरानी
सरकार ने तीन मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय किया है, जो रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने और समुद्री गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों के लिए तैयार रहने को कहा।
विदेशों में भारतीयों के लिए सहायता व्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, वे हेल्पलाइन शुरू करें, नोडल अधिकारी नियुक्त करें और जिला स्तर पर सहायता तंत्र विकसित करें। इससे प्रभावित परिवारों को समय पर मदद और जानकारी मिल सकेगी।
जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी देने से लोगों में घबराहट नहीं फैलेगी। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने की सलाह भी दी।
पहली बार हुई इस स्तर की बैठक
यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस स्तर की बैठक की। यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में कार्रवाई की। सरकार ने आने वाले समय में संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारी और समन्वित प्रयासों पर जोर दिया है।