ईरान पर Israel-US के हमले के बाद पूरे मिडिल-ईस्ट में ईरानी मिसाइलों ने लगाई आग, भड़का महायुद्ध

Israel-US Attacks Iran: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने मध्य पूर्व को बड़े संकट में डाल दिया है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए, जिसे इजरायल ने “पूर्व-निवारक हमला” (pre-emptive strike) और अमेरिका ने “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” (major combat operations) करार दिया। इसके बाद ईरानी मिसाइलों ने पूरे मिडिल-ईस्ट में तबाही मचाना शुरू कर दिया।

ट्रम्प ने खामेनेई को कहा-सरेंडर करो या युद्ध का सामना करो

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि ईरान में हमारी कोई बात नहीं मानी। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को कहा कि सरेंडर करो या मौत का सामना करो।

ईरान में रिजीम चेंज है मकसद

ट्रुथ सोशल पर वीडियो जारी कर कहा कि यह अभियान “मैसिव एंड ऑनगोइंग” है। इसका उद्देश्य ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को खत्म करना, मिसाइल इंडस्ट्री को तबाह करना, नौसेना को नेस्तनाबूद करना और अंततः रिजीम चेंज लाना है। ट्रंप ने ईरानियों से अपील की कि वे अपना सरकार पर कब्जा कर लें, क्योंकि यह “पीढ़ियों का एकमात्र मौका” है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल अमेरिकी हमलों से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम नष्ट हो गया था, लेकिन तेहरान इसे फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है।

हमले में बाल-बाल बचे खामेनेई

इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि हमले महीनों की “क्लोज जॉइंट प्लानिंग” के बाद हुए। इजरायल ने दावा किया कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के प्रमुख को निशाना बनाया गया। खामेनेई को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। हमले तेहरान, इस्फहान, कुम, कराज और अन्य शहरों में हुए, जहां धुएं के गुबार और विस्फोट देखे गए।

ईरान ने तुरंत शुरू की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। तेहरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिससे इजरायल में सायरन बजे और इमरजेंसी घोषित हुई। ईरान ने इसके बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले शुरू कर दिए। खासकर खाड़ी देशों में। बहरीन, कतर, यूएई, कुवैत, सऊदी अरब, इराक, जॉर्डन और सीरिया में विस्फोट हुए। ईरान ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली अड्डे “लीगिटिमेट टारगेट” हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दक्षिणी ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 50 से ज्यादा मौतें हुईं।

एक साल पहले भी हुई थी जंग

यह संघर्ष पिछले साल जून 2025 के 12-दिन के इजरायल-ईरान युद्ध के बाद सबसे बड़ा है। तब इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल साइट्स पर हमले किए थे। हाल के हफ्तों में अमेरिका-ईरान के बीच न्यूक्लियर और मिसाइल डील की बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई ब्रेकथ्रू नहीं हुआ। ट्रंप ने हफ्तों से धमकियां दी थीं।

पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध के चपेट में

क्षेत्रीय प्रभाव गंभीर हैं। खाड़ी में तेल उत्पादक देश अलर्ट पर हैं, अमेरिकी बेस पर हमले से तनाव बढ़ गया है। पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध के चपेट में आ गया है। इजरायल में स्कूल-कॉलेज बंद हो गए हैं। लोग सुरक्षित जगहों पर गए। ईरान के विदेश मंत्री ने हमलों को “अवैध और अनुचित” बताया। यह युद्ध क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसमें प्रॉक्सी ग्रुप्स शामिल हो सकते हैं।

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