(गुरुग्राम): हरियाणा की विभिन्न जेलों में शनिवार को कैदियों के लिए नए कौशल विकास केंद्र, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रम और आईटीआई स्तर के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम औपचारिक रूप से शुरू किए गए। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने गुरुग्राम के जिला कारागार भोंडसी से ‘सलाखों के पीछे जीवन को सशक्त बनाना, वास्तविक परिवर्तन: सुधारात्मक न्याय का नया प्रतिमान’ परियोजना के तहत इन पहलों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जेलों में सुधारात्मक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को महत्व देते हुए कहा कि यह कदम कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सुधारात्मक पहल का उद्देश्य
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इन पहलों का मुख्य उद्देश्य हरियाणा की जेलों में शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से सुधारात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इन कार्यक्रमों में कैदियों को पॉलिटेक्निक और आईटीआई स्तर का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, इन पहलों का उद्देश्य व्यवस्थित ढांचागत शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से सुधारात्मक पारिस्थितिकी तंत्र को नया आकार देना था
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, “यह पहल केवल कैदियों को कौशल सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने की क्षमता प्रदान करती है। सुधारात्मक न्याय का यही वास्तविक लक्ष्य है। कार्यक्रम के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में एक महीने तक चलने वाले नशा विरोधी जागरूकता अभियान का भी शुभारंभ किया। यह अभियान राज्य में मादक द्रव्यों के सेवन की बढ़ती चुनौती का सामना करने के लिए तैयार किया गया है।