न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पुरस्कार पाने की भूख इस कदर बढ़ती जा रही है कि वह भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकवाने का बार-बार जबरन श्रेय लेना चाहते हैं। इस बार अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्रंप की ओर से जबरन श्रेय लेने का दावा पेश किया है। रूबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने “भारत–पाकिस्तान जैसे बेहद कठिन” शांति समझौतों समेत वैश्विक स्तर पर कई अहम समझौते कराए हैं और विदेश नीति को नया स्वरूप देने के लिए वे “विशेष श्रेय” के पात्र हैं।
ट्रंप को मिलना चाहिए भारत-पाक युद्ध रोकवाने का श्रेयः रूबियो
रूबियो ने व्हाइट हाउस में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान कहा कि कई दशकों में पहली बार अमेरिकी विदेश नीति को “सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध” बनाने के उद्देश्य से इतनी व्यवस्थित दिशा मिली है। उन्होंने कहा, “मैं सभी समझौतों का उल्लेख नहीं करूंगा, लेकिन भारत–पाकिस्तान और कंबोडिया–थाईलैंड के जैसे अत्यंत जटिल शांति समझौतों का जिक्र ज़रूरी है। मेरा मानना है कि हमारी विदेश नीति को नया आकार देने के लिए राष्ट्रपति को इन युद्धों को रोकवाने का विशेष श्रेय दिया जाना चाहिए।”
ट्र्ंप ने कहा-मिलना चाहिए नोबेल
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भी दावा किया कि उन्होंने वैश्विक स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे कई विवादों को सुलझाया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “आठ युद्ध” रुकवाए और इनमें से हर एक के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। रूस–यूक्रेन संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने आठ युद्ध रुकवाए… अब हम एक और रुकवाने जा रहे हैं। मुझे ऐसी उम्मीद है।” रूबियो और ट्रंप के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी प्रशासन अपनी विदेश नीति की उपलब्धियों को व्यापक रूप से उजागर कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए शांति प्रयासों को अपनी प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश कर रहा है।
भारत पहले ही कर चुका है तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज
ट्रंप और रूबियो भले ही भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकवाने का बार-बार दावा कर रहे हों, लेकिन भारत ने पहले ही किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को खारिज कर चुका है। भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि भारत-पाक युद्ध पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा भारत के डीजीएमओ के पास किए गए विशेष अनुरोध के बाद रोका गया। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।