Thar Shakti military exercise: (जैसलमेर): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित भारतीय सेना के विशाल सैन्य अभ्यास ‘थार शक्ति’ का जायजा लिया। उन्होंने जवानों के साहस, पराक्रम और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध है।
रक्षा मंत्री ने अपने जैसलमेर दौरे के दूसरे दिन लोंगेवाला में इस अभ्यास का अवलोकन किया। तपती रेत और तेज़ हवाओं के बीच सैकड़ों सैनिकों ने आधुनिक युद्धक क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान रोबोट डॉग, ड्रोन, ATOR N1200 जैसे उन्नत वाहन, अत्याधुनिक टैंक, और हेलीकॉप्टर शामिल रहे, जिन्होंने भविष्य के युद्ध कौशल और गति-ताकत का अनोखा संगम प्रस्तुत किया।
सिंह ने अभ्यास के बाद सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की और अभियानगत तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अनुशासन और बलिदान की भावना का प्रतीक है।
लोंगेवाला युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा राजस्थान के लोंगेवाला युद्ध स्मारक पर 1971 के युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लोंगेवाला वही ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने दुश्मन के हमले को नाकाम किया था।
तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना
इससे पहले शुक्रवार सुबह राजनाथ सिंह ने जैसलमेर जिले के प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने सीमा सुरक्षा बल BSF के जवानों की वीरता और निष्ठा की प्रशंसा की। मंदिर परिसर में उनका स्वागत सीमा सुरक्षा बल के उप महानिरीक्षक जतिंदर सिंह बिन्जी, समादेष्टा नीरज शर्मा, और सहायक समादेष्टा विकास नारायण सिंह ने किया। पूजा के बाद उन्होंने महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया और मनसा माता मंदिर के पास स्थित खेजड़ी के पेड़ पर मनोकामना पूर्ण होने के लिए रूमाल बांधा।
तनोट माता की कृपा का स्मरण
रक्षा मंत्री ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान मंदिर परिसर में गिरे उन बमों को भी देखा, जिनमें से एक भी नहीं फटा था। उन्होंने कहा तनोट माता के दर्शन कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं, मेरा जीवन धन्य हो गया है। हमारे जवानों की रक्षा में मां तनोट हमेशा आशीर्वाद बनाए रखें, यही कामना है।
अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि रक्षा मंत्री के साथ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और ‘बैटल एक्स’ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल आशीष खुराना भी मौजूद थे। अभ्यास के दौरान रक्षा मंत्री ने सेना की युद्धक रणनीति, उपकरणों की कार्यक्षमता और रेगिस्तानी क्षेत्र में तैनाती की चुनौतियों की जानकारी ली।