Manohar Lal Khattar at Delhi Assembly (नई दिल्ली): केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जहां AI और अन्य तकनीकें अनेक समाधान प्रदान करती हैं, मगर इनका सावधानी से उपयोग न किया जाए तो ये मानवता के लिए “भस्मासुर” भी बन सकती हैं।
दिल्ली विधानसभा के सत्र में दिया संबोधन
खट्टर सोमवार को दिल्ली विधानसभा के पहले निर्वाचित अध्यक्ष वीर विट्ठलभाई पटेल के पदभार ग्रहण की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित “ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस” के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। यह दो दिवसीय कार्यक्रम ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा भवन में आयोजित किया गया था।
तकनीक से विश्वास, लेकिन जोखिम भी
मनोहर लाल खट्टर ने अपने संबोधन में कहा, “प्रौद्योगिकी को अपनाने के कई लाभ हैं, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन के प्रति लोगों में विश्वास को मजबूत करना होना चाहिए। यह समाधान देती है, लेकिन इसके साथ-साथ इससे खतरे भी जुड़े होते हैं, खासकर जब बात AI जैसी शक्तिशाली तकनीक की हो।” उन्होंने आगाह करते हुए कहा, “जैसे-जैसे तकनीक आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे उससे जुड़ी चुनौतियाँ भी बढ़ती हैं। साइबर अपराध इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। हमें यह देखना होगा कि कहीं तकनीक हमारे लिए खतरा न बन जाए।”
‘सीएम विंडो’ जैसी पहल से सुशासन
खट्टर ने अपने कार्यकाल के दौरान शुरू की गई ‘सीएम विंडो’ पहल का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे तकनीक के सही इस्तेमाल से प्रशासन में पारदर्शिता लाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “2014 में जब मैंने मुख्यमंत्री पद संभाला, तो रोजाना मेरे आवास के बाहर दर्जनों लोग हाथों में कागजात लेकर खड़े रहते थे। हमने इस स्थिति से निपटने के लिए ‘सीएम विंडो’ नामक एक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल शुरू किया।”
इस प्रणाली के माध्यम से आम लोग अपनी शिकायतें और दस्तावेज सीधे ऑनलाइन जमा कर सकते हैं, जिन्हें संबंधित विभागों तक भेजा जाता है और उनका निपटारा किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक इस प्रणाली के तहत 13 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 11.5 लाख का समाधान किया जा चुका है।