Rajnath Singh on Operation Sindoor (जोधपुर): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को “ऑपरेशन सिंदूर” को आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे प्रभावी कार्रवाइयों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को उनका धर्म देखकर नहीं, बल्कि उनके कर्म देखकर मारा। उनका यह बयान जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में आया। उन्होंने कहा कि भारत “वसुधैव कुटुम्बकम्” के सिद्धांत पर चलता है। यहां किसी प्रकार का धार्मिक भेदभाव नहीं होता।
51 मिनट में सटीक परिणाम
उन्होंने इस अभियान की सफलता और संचालन की गति का उदाहरण बताते हुए कहा कि “इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो लक्ष्य निर्धारित थे, सेना ने उन पर सटीक हमले किए।” स्रोतों के अनुसार, इस ऑपरेशन की योजना और समन्वय में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और खुफिया एजेंसियों की भूमिका निर्णायक थी। पूरे ऑपरेशन को सिर्फ 51 मिनट में अंजाम दिया गया।
“हम अधिक कर सकते थे, लेकिन संयम से काम लिया”
उद्योग परिसंघ (CII) में राजनाथ सिंह ने कहा कि “हमारी क्षमता उन्हें और अधिक क्षति पहुंचाने की थी, लेकिन हमने संयम दिखाया।” उन्होंने यह संदेश दिया कि भारत न केवल ताकतवर है, बल्कि बुद्धिमान और संतुलित भी है।
“ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ, यह सिर्फ रुका है”
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसे फिलहाल रोक दिया गया है। उन्होंने पाक को चेतावनी दी कि किसी भी नई आतंकवादी घटना पर कठोर कार्रवाई की जाएगी । रक्षा मंत्री ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ आधुनिक युद्ध कला का प्रमाण है। क्योंकि इसमें ड्रोन युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और सटीक लक्ष्य निर्धारण जैसे आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग हुआ। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति का प्रतीक बताया।
आतंक को भारत की जीरो टोलरेंस नीति का संदेश
रक्षा मंत्री ने इस ऑपरेशन को भारत के सुरक्षा दृष्टिकोण में आए बदलाव के प्रतीक के रूप में पेश किया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की प्रमाणिक पेशकश है।