(न्यूयॉर्क/वाशिंगटन) अमेरिका ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार ठहराए गए संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) को आधिकारिक रूप से वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। यह संगठन पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा संगठन माना जाता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान जारी कर बताया कि टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई आव्रजन एवं राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 219 और शासकीय आदेश 13224 के अंतर्गत की गई है।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा यह निर्णय अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा, वैश्विक आतंकवाद से मुकाबले, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पहलगाम हमले में न्याय सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
हमला और प्रतिक्रिया
बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। टीआरएफ ने शुरू में इस हमले की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर बाद में अपना बयान वापस ले लिया। भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने टीआरएफ के प्रमुख शेख सज्जाद गुल को इस हमले का मास्टरमाइंड करार दिया है।
भारत की प्रतिक्रिया
वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इस अमेरिकी निर्णय का स्वागत करते हुए कहा यह भारत-अमेरिका के बीच आतंकवाद-रोधी सहयोग की मजबूती को दर्शाता है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट किया“टीआरएफ को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्रालय की सराहना करते हैं। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में अडिग है।”
भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर
हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पृष्ठभूमि में मुंबई हमला
रुबियो ने यह भी जिक्र किया कि यह हमला 2008 में लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों के खिलाफ सबसे घातक हमला था। उन्होंने यह भी बताया कि टीआरएफ भारतीय सुरक्षा बलों पर 2024 में भी कई हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है।