PM मोदी का अफसरों को मंत्र: आज की नहीं, 2047 के भारत की सोच के साथ करें काम

pm modi

PM Modi High Level Meeting: (नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्र सरकार के सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर भविष्य की चुनौतियों और भारत की विकास रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सिर्फ मौजूदा समस्याओं का समाधान करने के बजाय लंबी अवधि की सोच के साथ काम करने को कहा। पीएम मोदी ने विभागों के बीच बेहतर तालमेल, डेटा के प्रभावी इस्तेमाल और AI जैसी नई तकनीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि फैसले लेते समय आने वाले वर्षों के भारत को ध्यान में रखना जरूरी है।

सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की यह तीसरी उच्चस्तरीय बैठक थी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी, सुरक्षा, विदेश मामलों और शासन से जुड़े मंत्रालयों के आगे के एजेंडे पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल, डेटा के इस्तेमाल, AI और मानव संसाधन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

साइलो की सोच छोड़कर साथ काम करें विभाग

प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग विभागों का अपने-अपने दायरे में काम करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। उन्होंने ‘साइलो’ व्यवस्था को खत्म करने पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल संगठनात्मक समस्या नहीं, बल्कि सोच से जुड़ा विषय भी है। पीएम मोदी ने अधिकारियों से ‘पूरी सरकार एक साथ’ की भावना के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कोविड-19 महामारी और पश्चिम एशिया संकट का उदाहरण देते हुए बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में अलग-अलग विभागों ने आपसी तालमेल के साथ काम किया और प्रभावी परिणाम हासिल किए।

डेटा को भविष्य की ताकत बनाने पर जोर

पीएम मोदी ने डेटा को देश की राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए कहा कि सरकार इसके संग्रह, सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े स्तर पर संसाधन लगाती है। इसके बावजूद अलग-अलग विभागों के डेटा सिस्टम के बीच पर्याप्त तालमेल नहीं होने से इसकी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे सिस्टम तैयार करने पर जोर दिया, जिनके जरिए अलग-अलग विभागों का डेटा आपस में बेहतर तरीके से जुड़ सके। इसका उद्देश्य उपलब्ध जानकारी को नीतियां बनाने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में इस्तेमाल करना है।

AI बढ़े, लेकिन इंसानी फैसला कायम रहे

प्रधानमंत्री ने सरकारी कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए इस्तेमाल तलाशने की बात कही। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI का इस्तेमाल इंसानी विशेषज्ञता का विकल्प नहीं बनना चाहिए। पीएम मोदी ने अधिकारियों से AI की क्षमता को मानव अनुभव और समझ के साथ जोड़ने को कहा। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की जरूरत बताई, ताकि नीति निर्माण में नए विचारों और अलग नजरिए को जगह मिल सके।

रक्षा उद्योग से लेकर जहाज निर्माण तक चर्चा

बैठक में रक्षा उद्योग को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर उसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाने पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने रक्षा क्षेत्र के लिए आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार करने और कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर जोर दिया। समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने की रणनीति भी बैठक का हिस्सा रही। प्रधानमंत्री ने जहाज निर्माण को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिए जाने का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से संबंधित लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने इस क्षेत्र में काम को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।

वरिष्ठ-जूनियर अधिकारियों के बीच संवाद बढ़े

पीएम मोदी ने प्रशासन में टीम भावना मजबूत करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से जूनियर अधिकारियों के साथ अनौपचारिक बातचीत बढ़ाने को कहा। उन्होंने अलग-अलग कैडर और विभागों के अधिकारियों के बीच मजबूत नेटवर्क बनाने पर भी जोर दिया, ताकि सरकार के अलग-अलग हिस्सों के बीच समन्वय बेहतर हो।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने विभागों की प्राथमिकताओं, नई चुनौतियों और योजनाओं को लागू करने के दौरान सामने आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री का मुख्य संदेश यही रहा कि सरकार को वर्तमान की जरूरतों के साथ-साथ भविष्य के भारत की तस्वीर को सामने रखकर फैसले लेने होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *