Iran Israel War: (दुबई): ईरान और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण हालात अब खुले टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। अमेरिकी वायुसेना द्वारा ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों इस्फहान, फोर्डो और नतांज पर किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने खुद ही ईरान के खिलाफ एक “खतरनाक युद्ध” की शुरुआत कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से किया गया विश्वासघात
ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी एक विस्तृत आधिकारिक बयान में कहा गया कि अमेरिका ने इज़राइल जैसे शासन के समर्थन में यह हमला कर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों से सीधा विश्वासघात किया है। अमेरिका ने एक सक्रिय कूटनीतिक प्रक्रिया के बीच हमला कर यह दिखा दिया है कि वह इज़राइल के अपराधों का समर्थन करता है। अब उसने खुद ईरान के खिलाफ खतरनाक युद्ध शुरू कर दिया है बयान में कहा गया कि अमेरिका का यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी एक गंभीर खतरा है।
विदेश मंत्री अराघची चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कड़ी चेतावनी दी उन्होने कहा कि वह अपनी संप्रभुता नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर वैध कदम उठाने के लिए स्वतंत्र है। ईरान को यह अधिकार है कि वह किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुकाबला पूरी ताकत से करे। यदि ज़रूरत पड़ी, तो हम जवाब देने में जरा सा भी संकोच नहीं करेंगे। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हमले के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज सुबह की घटनाएं भयानक थीं। इसके दूरगामी परिणाम होंगे। उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक, आत्मरक्षा के लिए हर वैध विकल्प ईरान के पास मौजूद है।
अमेरिका ने किया था एयरस्ट्राइक
शनिवार को अमेरिका ने बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स की मदद से ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हवाई हमला किया था। अमेरिका का दावा है कि यह हमला ईरान के परमाणु हथियार विकसित करने की गतिविधियों को रोकने के लिए किया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “सफल और सटीक” करार देते हुए कहा कि सभी विमान सुरक्षित लौट चुके हैं। इस हमले के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।