PM Modi visit three countries: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपनी तीन देशों की यात्रा की शुरुआत से पहले एक प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि यह दौरा आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं को प्रमुख वैश्विक मंचों पर उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा कनाडा, साइप्रस और क्रोएशिया तक फैली है, जहां वे विभिन्न द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी कनाडा में आयोजित हो रहे जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जो 2025 में कनानास्किस में हो रहा है। वह इस सम्मेलन में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के आमंत्रण पर जा रहे हैं। मोदी ने कहा कि यह सम्मेलन न सिर्फ वैश्विक महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श करने का अवसर होगा, बल्कि यह ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की चिंताओं और अपेक्षाओं को सामने लाने का भी एक अहम मंच है।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर
उन्होंने कहा कि यह दौरा उन साझेदार देशों का आभार जताने का अवसर भी है, जिन्होंने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ भारत के संघर्ष में लगातार समर्थन दिया है। पीएम मोदी ने बल दिया कि आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता की आवश्यकता है और भारत इस दिशा में साझेदार देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।
यूरोप में भारत की मजबूत साझेदारी
जी-7 सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी साइप्रस की यात्रा करेंगे, जहां वे 15 और 16 जून को राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि साइप्रस भारत का एक महत्वपूर्ण मित्र है और भूमध्य सागर क्षेत्र में उसका विशेष सामरिक महत्व है। मोदी ने बताया कि यह दौरा भारत और साइप्रस के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यापार, निवेश, सुरक्षा तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग को नया आयाम देगा। इसके अलावा, दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह यात्रा सहायक होगी।
नई साझेदारियों के खोलेगी रास्ते
प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा क्रोएशिया की होगी, जहां वे राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत और क्रोएशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंध रहे हैं, और यह पहली बार है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री क्रोएशिया का दौरा कर रहा है। मोदी ने उम्मीद जताई कि यह ऐतिहासिक यात्रा द्विपक्षीय सहयोग को नए आयाम देगी और आपसी हितों के क्षेत्रों जैसे व्यापार, संस्कृति, पर्यटन और शिक्षा में नई साझेदारियों के रास्ते खोलेगी।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को अधिक मजबूती से उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति विकसित करना आज की प्राथमिकता बन गई है। ऐसे में यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।