Shivraj Singh Chouhan Interacted Farmers: (पंजाब)— केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के कृषि क्षेत्र को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने पंजाब के लुधियाना जिले में किसानों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कृषि से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और किसानों की समस्याओं को सुना। कार्यक्रम में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। कृषि मंत्री ने खेती को वैज्ञानिक बनाने के लिए किसानों को “लैब टू लैंड” से जोड़ने का ऐलान किया है।
कृषि मंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आर्थिक रीढ़ कृषि है और जब तक किसान समृद्ध नहीं होंगे, तब तक देश की प्रगति अधूरी रहेगी। उन्होंने वैज्ञानिक खेती को समय की जरूरत बताया और कहा कि अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर हमें तकनीकी और नवाचार आधारित खेती की ओर जाना होगा।
क्या है “लैब टू लैंड” प्रोग्राम
शिवराज सिंह चौहान ने “लैब टू लैंड” (Lab to Land) कार्यक्रम को तेज़ी से लागू करने का ऐलान किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों में विकसित की गई नवीनतम तकनीकों, बीजों, और कृषि पद्धतियों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे खेती की उत्पादकता तो बढ़ेगी ही, साथ ही किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
किसानों के लिए किया कई बड़ा ऐलान
उन्होंने किसानों को यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार किसानों को हर संभव सहायता देगी, चाहे वह मिट्टी की जांच हो, जल संरक्षण तकनीक हो, जैविक खेती का प्रशिक्षण हो या फिर फसल बीमा योजना। इसके अलावा उन्होंने बताया कि एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे किसान सीधे वैज्ञानिकों से परामर्श ले सकेंगे। किसानों ने इस पहल का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे उनकी खेती में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से अपील की कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक समय बिताएं और किसानों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करें। यह संवाद न केवल सरकार की कृषि नीति की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।